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तीन महीने तक पूंजी निकालने के बाद विदेशी निवेशकों ने जून में 21,235 करोड़ रुपए भारत में लगाए

तीन महीने तक पूंजी निकालने के बाद विदेशी निवेशकों ने जून में 21,235 करोड़ रुपए भारत में लगाए

नई दिल्ली. लगातार तीन महीने तक पूंजी निकालने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) वापस भारत लौट आए हैं। जून में अब तक उन्होंने भारतीय पूंजी बाजारों (शेयर व डेट बाजार) में 21,235 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया। डिपॉजिटरी के आंकड़े के मुताबिक एफपीआई ने शेयर बाजार में 22,893 करोड़ रुपए लगाए। जबकि डेट बाजार से उन्होंने 1,658 करोड़ रुपए निकाल लिए। इस तरह से 1-26 जून के बीच उन्होंने पूंजी बाजार में 21,235 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया।

मार्च, अप्रैल व मई में विदेशी निवेशकों ने भारत से कुल 1.3 लाख करोड़ रुपए निकाले थे

जून से पहले लगातार तीन महीने तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पूंजी निकाली थी। मई में विदेशी निवेशकों ने भारत से 7,366 करोड़ रुपए निकाले थे। अप्रैल में उन्होंने 15,403 करोड़ रुपए निकाले थे। मार्च में उन्होंने रिकॉर्ड 1.1 लाख करोड़ रुपए भारत से निकाल लिए थे। इस तरह से मार्च, अप्रैल व मई में एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजार में कुल 1.32769 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध बिक्री की।

स्मॉल व मिड-कैप शेयरों में निवेश बढ़ा रहे हैं एफपीआई

ग्रो के सह-संस्थापक और सीईओ हर्ष जैन ने कहा कि एफपीआई स्मॉल व मिड-कैप शेयरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इन शेयरों में वे एक साल से ज्यादा समय से पैसे लगा रहे हैं। पिछले तीन महीने भारतीय बाजार का प्रदर्शन उभरते बाजारों में सबसे अच्छा रहा है। इससे निवेश गंतव्य के रूप में भारत का आकर्षण बढ़ा है।

वैश्विक बाजार में बढ़ी नकदी भारत में भी पहुंच सकती है

जैन ने कहा कि भारत ने कोरोनावायरस के मरीजों की खोजबीन में अच्छा काम किया है। इससे अर्थव्यवस्था को खोलने में मदद मिल रही है। मॉर्निंग स्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-मैनेजर रिसर्च हिमाशु श्रीवास्तव ने कहा कि शेयरों का वैल्यू अभी भी कम है। इसलिए खरीदारी करने का अच्छा अवसर है। लंबी अवधि के लिहाज से भारतीय कंपनियों के शेयर एफपीआई के लिए अच्छा निवेश विकल्प साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही वैश्विक बाजार में नकदी बढ़ी है। यह उभरते बाजारों में पहुंच सकती है। इसका लाभ भारत को भी मिल सकता है।

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