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समर्थन मूल्य में धान बेचना बनी किसानों की परेशानी

महासमुंद जिले के किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. ऐसा एक मामला ग्रामीण सहकारी समिति बरोण्डा बाजार में सामने आया है,

समर्थन मूल्य में धान बेचना बनी किसानों की परेशानी

महासमुंद. समर्थन मूल्य पर धान बेचना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. ऐसा एक मामला ग्रामीण सहकारी समिति बरोण्डा बाजार में सामने आया है, जहां किसान धान बेचने के लिए समिति पहुंचा लेकिन धान का वैध दस्तावेज न दिखा पाने पर चार किसानों का 229 क्विंटल धान जब्त कर लिया गया है. अब किसान पिछले 8 दिनों से धान छुड़वाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर है. तो वहीं दूसरी ओर धान खरीदी केंद्र के प्रभारी सरकारी नियम और कानून का हवाला देते दिखाई दे रहे हैं.

किसानों ने लगाया ये आरोप

दरअसल, 26 दिसंबर को ग्राम लाफिनखुर्द के दो किसान सनद कुमार 60 क्विंटल धान लेकर और वेदप्रकाश 71 क्विंटल धान लेकर उसी प्रकार परसट्ठी के दो किसान उत्तम भागवत 77 क्विंटल धान लेकर और सुमित्रा बाई 20 क्विंटल धान लेकर अपने रिश्तेदार व कुछ किसानों के साथ धान बेचने आये थे. व्यवस्थापक से बारदाना लेकर धान भरने लगे. इस बीच कुछ किसान खाना खाने धान छोड़कर घर चले गए. किसानों का आरोप है कि इसी समय प्रशासनिक अमला वहां पहुंचा और वहां मौजूद लोगों से धान का वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा. तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि वे धान बेचने आए किसान के रिश्तेदार हैं. किसानों द्वारा दस्तावेज दिखाने की बात भी कही गई. इसके बाद प्रशासनिक अमले ने चारों किसानों का 229 क्विंटल धान जब्त कर लिया.

धान जब्त, अधिकारी ने कही ये बात

किसानों के मुताबिक धान जब्त होने के बाद इसे छुड़वाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. जहां किसानों का धान जब्त हो जाने से किसानों को काफी दिक्कतें हो रही है, वहीं कलेक्टर सुनील जैन नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कहते हुए जांच के बाद विचार करने की बात कह रहे हैं. बहरहाल धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी प्रदीप साहू का कहना है कि नियम अनुसार धान बेचने आए किसानों का दस्तावेज देखा जाता है. धान खरीदी में गफलत न हो इसलिए चौकसी बरती जा रही है.

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