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मूर्तियां, स्तंभ, शिवलिंग...अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में मिल रहे हैं अवशेष

भूमि पूजन की तैयारियां शुरू होंगी। समतलीकरण और खुदाई के काम के दौरान कई सारी प्राचीन मूर्तियों और मंदिर के पुरावशेष मिल रहे हैं।

मूर्तियां, स्तंभ, शिवलिंग...अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में मिल रहे हैं अवशेष

अयोध्या, मूर्तियां, स्तंभ, शिवलिंग...अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में मिल रहे हैं ये अवशेषउत्तर प्रदेश के अयोध्या में 67 एकड़ के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में समतलीकरण और बैरिकेडिंग के एंगल आदि को हटाने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही पूरे परिसर को बराबर करके भूमि पूजन की तैयारियां शुरू होंगी। समतलीकरण और खुदाई के काम के दौरान कई सारी प्राचीन मूर्तियों और मंदिर के पुरावशेष मिल रहे हैं। अयोध्या परिसर के समतलीकरण के दौरान काफी संख्या में पुरावशेष, देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश, आमलक दोरजाम्ब आदि कलाकृतियां निकली हैं। अब तक 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ, 6 रेडसैंड स्टोन के स्तंभ, 5 फुट के नक्काशीनुमा शिवलिंग और मेहराब के पत्थर आदि बरामद हुए हैं। इन्हें राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर के अवशेष और खंडित मूर्तियां बताया है। मंदिर के पुरावशेषों को राम मंदिर का प्रमाणिक तथ्य करार दिया है। मुख्य गर्भ स्थल और इसके बगल के चबूतरे आदि के इलाके में समतलीकरण का काम करवाया जा रहा है। इसके साथ ही जहां पहले गर्भ स्थल पर रामलला विराजमान थे, वहां के लिए बने टेढे़-मेड़े दर्शन मार्ग की लोहे की गैलरीनुमा रास्ते के एंगल आदि को भी हटाकर साफ किया गया है। हालांकि इसको लेकर विवाद भी पैदा हो गया है। अयोध्या विवाद में सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील रहे जफरयाब जिलानी ने कहा कि यह सब एक प्रोपगेंडा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि एएसआई के सबूतों से यह साबित नहीं होता है कि 13वीं शताब्दी में वहां कोई मंदिर था।

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