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सतर्क रहें ....रिव्यू पढ़कर खरीदी कर रहे हैं तो सावधान

सतर्क रहें ....रिव्यू पढ़कर खरीदी कर रहे हैं तो सावधान

तमाम बंदिशों के बावजूद भी दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन सेलर अपने प्रोडक्ट को बेहतर बताने के लिए फेक रिव्यू खरीद रहे हैं। यह फर्जी रिव्यू उन्हें सिर्फ 1200 रुपए देकर मिल जाते हैं। डेली मेल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि फेक रिव्यू देने के लिए टेस्टर्स की एक बहुत बड़ी टीम काम कर रही है, यह लोग पहले तो प्रोडक्ट खरीदते हैं और उसके बाद ऑनलाइन प्लेटफार्म पर प्रोडक्ट को चार से पांच स्टार रेटिंग तक देते हैं। फेक रिव्यू करने के एवज में सेलर उन्हें या तो पैसे देते हैं या फीस के तौर पर प्रोडक्ट की खरीदी करने पर रिफंड देते हैं।

रिव्यू खरीदी का काम एक खास मकसद से लिए किया जाता है। ऐसा करने पर इन फेक टेस्टर्स को भी अमेजन वैरिफाइड पर्चेस के तौर पर पहचान मिल जाती है। जिसका फायदा यह होता है कि अन्य लोगों को इन रिव्यू को सही समझने लगते हैं। जर्मनी की रिव्यू फर्म एएमज़ेडटाइगर ने अकेले यूके में तीन हजार टेस्टर तैनात कर रखे हैं। कंपनी का कहना है कि हम असली लोगों के द्वारा वैरिफाइड रिव्यू उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। पूरे यूरोप में मौजूद हमारे 60 हजार प्रोडक्ट टेस्टर्स जल्दी और सही रिव्यू लिखने में एक्सपर्ट है।

अमेजन के प्रवक्ता का कहना है कि रिव्यू की गरिमा को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। ग्राहकों को दुर्व्यवहार, धोखाधड़ी और जालसाजों के से बचाने के लिए हमने पिछले साल करीब 2,765 करोड़ रुपए खर्च किए। हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि कस्टमर के पड़ने से पहले ही हम इन फेक रिव्यू की पहचान कर उसे प्लेटफार्म से हटा दें। इसी क्रम में पिछले साल कस्टमर्स द्वारा पढ़े गए 99 फीसदी रिव्यू बिल्कुल सही थे।

कैसे बरते सावधानी

फर्जी रिव्यू की पहचान करना कई बार आसान हो जाता है। थोड़ी सी प्रेक्टिस से हम इसमें एक्सपर्ट हो सकते हैं। रिव्यू पोस्ट करने वाले यूजर की प्रोफाइल चेक की जा सकती है। ब्लैंक या न के बराबर जानकारियों वाली प्रोफाइल भी खासतौर से फर्जी रिव्यू कराने के लिए बनाई जाती हैं। एक ही कंपनी के प्रोडक्ट को बार बार 5 स्टार रेटिंग मिल रही है तो भी यह फेक हो सकती है।

इसके अलावा रिव्यू की टाइमिंग देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह फर्जी है या सही है। अगर रिव्यू की टाइमिंग प्रोडक्ट की लॉन्चिंग या उसकी पहली सेल के आसपास देखी जा रही है तो भी फर्जी हो सकती है। इसके अलावा काफी कम समय में कई सारे रिव्यू पॉप-अप आने पर भी ये फेक हो सकती है।

ऐसे में, निश्चिंत होकर ऐसी प्रोफाइल पर जाकर प्रोडक्ट के बारे में सवाल पूछे जा सकते हैं। फेक टेस्टर ज्यादातर डिटेल प्वाइंटर-वाइस फॉर्मेट में पोस्ट करते हैं, हालांकि वे कभी भी आपके सवालों का जवाब नहीं देंगे। इन सब से बचने के लिए हमेशा वैरिफाइड खरीदारों पर ही विश्वास करें। वहीं रिव्यू पढ़ते समय अपनी बुद्धि-विवेक का भी इस्तेमाल करें।

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