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बहुत बड़ा है हाइपरटेंशन का खतरा, जानें कैसे करें इससे बचाव

बहुत बड़ा है हाइपरटेंशन का खतरा, जानें कैसे करें इससे बचाव

नई दिल्ली . इंसानी शरीर कई तरह की बीमारियों का सामना करता है, जिनमें से कुछ ऐसी होती हैं, जिनका कोई इलाज आज तक नहीं मिल पाया है, तो कुछ ऐसी भी हैं, जो जानलेवा भी हैं और इसके बावजूद वो आम जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं और किसी सामान्य बीमारी की तरह ही लगती हैं. इनमें से ही एक है हाइपरटेंशन, जिसे आम भाषा में हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है. ये बीमारी दुनिया में समय पूर्व मौत के बड़े कारणों में से एक है.

क्या है हाइपरटेंशन और कितने लोग हैं प्रभावित?

इस बीमारी के खिलाफ लोगों को जागरुक करने और इससे निपटने के लिए 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनियाभर में 1.3 बिलियन लोगों में ये बीमारी पाई गई है. इतना ही नहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर 4 में से 1 पुरुष और हर 5 में से 1 महिला में ये बीमारी पाई जाती है. ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2025 तक इस बीमारी में 25 फीसदी की कमी लाने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि ये बीमारी है क्या और इससे इंसानी शरीर को क्या खतरे होते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, शरीर की रक्त वाहिकाओं में खून के प्रवाह के दौरान जो प्रेशर बनता है उसे ब्लड प्रेशर कहते हैं. यही दबाव जब बेहद ज्यादा बढ़ जाता है तो उसे हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहते हैं. जब लगातार दो दिन शरीर में ब्लड प्रेशर 90-140 से ज्यादा आता है तो इसे हाइपरटेंशन कहा जाता है.

क्या हैं खतरे और क्या है बचाव?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक ये बीमारी शराब, धूम्रपान, अनियमित दिनचर्या और कसरत के अभाव में होती है. इनके चलते शरीर कई तरह की बीमारियों की चपेट में आने लगता है और मौत की आशंका बढ़ने लगती है. इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. साथ ही किडनी फेल होने की आशंका भी बढ़ जाती है. साथ ही स्ट्रोक भी आने लगते हैं. इससे बचने के लिए जरूरी है कि नियमित तौर पर कसरत करें और शराब, धूम्रपान, जंक फूड जैसी खानों से दूर रहें. इसके साथ ही ज्यादा नमक के सेवन से भी इसका खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नमक कम खाना चाहिए. इतना ही नहीं, नियमित तौर पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाना भी जरूरी है. साथ ही डॉक्टर की ओर से दी गई दवाई का सही से सेवन जरूरी है और तनाव से बचना भी जरूरी है.

कोरोना से मौत में भी हाइपरटेंशन बना कारण

हाल ही के दिनों में कोरोनावायरस के कारण पूरी दुनिया प्रभावित है. इस महामारी के कारण दुनियाभर में 3 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. भारत में भी 2,800 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं. यहां कोरोना वायरस का जिक्र इसलिए किया गया है, क्योंकि इससे हुई मौत का कारण को-मॉर्बिडिटी है यानी शरीर में अन्य बीमारी. देश में मौत के जितने केस आए हैं, उसमें हाइपरटेंशन भी एक बड़ा कारण रहा है. इससे पता चलता है कि हाइपरटेंशन कितना खतरनाक हो सकता है.

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