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80 फीसदी भारतीय महिलाएं रक्त की कमी से ग्रस्त: मनचंदा
By Swadesh | Publish Date: 11/2/2019 2:23:28 PM
80 फीसदी भारतीय महिलाएं रक्त की कमी से ग्रस्त: मनचंदा

'अनीमिया भगाओ जागरुकता' अभियान के तहत छात्राओं को दी जानकारी

फरीदाबाद। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा में जूनियर रेडक्रॉस और सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के बैनर तले वैश्य समन्वय समिति के सहयोग से प्राचार्या नीलम कौशिक की अध्यक्षता में सोमवार को ‘अनीमिया भगाओ जागरुकता’ और हेल्थ चेक अप अभियान शुरू किया गया। विद्यालय के अंग्रेजी प्रवक्ता रविन्दर कुमार मनचन्दा ने अनीमिया भगाओ जागरुकता और हेल्थ चेक अप कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि 80 फीसदी से अधिक भारतीय महिलाएं रक्त की कमी से ग्रस्त हैं इसलिए महिलाओं में चक्कर आना, चेहरा पीला होना व कमजोरी महसूस करना आम बात है।
 
डॉ मनचंदा ने बताया कि हीमोग्लोबिन कम होने से इसका शिकार ज्यादातर महिलाएं ही होती हैं, इस परेशानी के कारण नसों में ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है, जिस कारण शरीर को ऊर्जा नहीं मिल पाती। इसी वजह से अनीमिया से पीड़ित महिला व पुरुष को हर समय थकान, उठने-बैठने पर चक्कर, त्वचा और आंखों में पीलापन, सांस लेने में तकलीफ, दिल की असामान्य धड़कन और तले एवं हथेलियां हमेशा ठंडी रहने जैसी परेशानियां होती हैं।
 
इस अवसर पर वैश्य समन्वय समिति के जेपी गुप्ता, रामकिशोर अग्रवाल, वेद प्रकाश और सर्वोदय अस्पताल की वरिष्ठ डॉक्टर मधुरिमा गुप्ता मौजूद रहे। जेपी गुप्ता और डॉक्टर मधुरिमा गुप्ता ने असेम्बली में विशेष रूप से उपस्थित बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे मौसमी सब्जियां और फलों को अपने खाने में शामिल करें और विशेष तौर पर विटामिन बी बारह और फॉलिक एसिड को डाइट में लें। विटामिन बी बारह के लिए अंडा, दूध, चीज, मीट, मछली, सोयाबीन, चावल खाएं। साथ ही फॉलिक एसिड के लिए दाल, मटर, मेवे और पालक खाएं। कॉफी और चाय ना पिएं, इससे आपके शरीर में आयरन बाधित होगा।
 
किडनी, डायबीटीज, बवासीर, हर्निया और दिल के मरीजों को, शाकाहारी लोगों को, प्रेगनेंट या स्मोकिंग करनेवाली महिलाओं को पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि इससे शरीर में आयरन तेजी से कम हो जाता है। 
 
डॉक्टर मधुरिमा गुप्ता ने कहा कि अनीमिया के मुख्य लक्षण सिर, छाती या पैरों में दर्द होना, जीभ में जलन होना, मुंह और गला सूखना ,मुंह के कोनों पर छाले हो जाना, बालों का कमजोर होकर टूटना-निगलने में तकलीफ होना, स्किन, नाखून और मसूड़ों का पीला पड़ जाना आदि हैं। अनीमिया लगातार बना रहे तो डिप्रेशन का रूप ले लेता है इसके अलावा चीनी को अपने खाने से कम करने पर आयरन सही मात्रा में बना रहता है। 
 
किशमिश और सूखे मेवों जैसे शुष्क फलों को भोजन में शामिल करें, यह आयरन का बेहतर माध्यम होता है, विटामिन सी से भरपूर खाना और गुड़, सोयाबीन, मोठ, अंकुरित दालें, दूसरी दालें खासकर मसूर दाल, चना, गेंहू, मूंग आदि अपने आहार में नियमित रूप से शामिल करने से शरीर में रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है।
 
प्राचार्या नीलम कौशिक ने कहा कि अनीमिया को ठीक होने में कुछ महीनों से लेकर कई बार बरसों लग जाते हैं। आयरन की कमी से होनेवाला अनीमिया रोग दो से तीन महीने में ठीक हो जाता है। परन्तु उचित खानपान से जल्द ही इस रोग से छुटकारा मिल जाता है। इससे पूर्व प्राचार्या और अंग्रेजी प्रवक्ता रविन्दर कुमार मनचन्दा ने उपस्थित अतिथियों को पौधे भेंटकर स्वागत किया। मौके पर रेनु शर्मा, संजय शर्मा, बिजेंदर सिंह सहित समस्त प्राध्यापक मौजूद रहे।
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