मध्य प्रदेश
विश्‍व सिकल सेल दिवस पर मैराथन के माध्यम से बताया रक्तदान का महत्व
By Swadesh | Publish Date: 19/6/2019 5:21:23 PM
विश्‍व सिकल सेल दिवस पर मैराथन के माध्यम से बताया रक्तदान का महत्व

अनूपपुर। विश्‍व सिकल सेल दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला मुख्यालय में कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर समेत अधिकारियों-कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, जन स्वास्थ्य संगठन गानियारी के प्रतिनिधियों, आमजनों एवं युवाओं ने मैराथन के माध्यम से रक्तदान का महत्व बताया। इस दौरान कलेक्टर ने जिले के समस्त नागरिकों से समय-समय पर रक्तदान करने की अपील की। 

जिला चिकित्सालय से प्रारम्भ हुई यह मैराथन कोतवाली तिराहा, बस स्टैंड, सामतपुर से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय में सम्पन्न हुई। सभी प्रतिभागियों ने रास्ते में रक्तदान के महत्व एवं सिकल सेल एनेमिया पर नियंत्रण के सम्बंध में लोगों को जागरूक किया। मैराथन में महिला एवं पुरूष वर्ग में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को कलेक्टर एवं नगरपालिका प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष रामखेलावन राठौर द्वारा पुरस्‍कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
 
पुरुष वर्ग में तुलसी महाविद्यालय के छात्र बबलू राठौर एवं महिला वर्ग में सरोज राठौर प्रथम स्थान पर रहीं। मैराथन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सरोधन सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डी.के. कोरी, एसडीएम अनूपपुर अमन मिश्रा, डॉ. राजेन्द्र सोनी, सहायक यंत्री पीएचई अली असगर समेत नगरपालिका अधिकारी कर्मचारी मीडिया प्रतिनिधि, जन स्वास्थ्य संगठन गानियारी के प्रतिनिधि, युवा एवं आमजन शामिल रहे। इस दौरान सिकल सेल बीमारी से पीड़ि‍त नीरज सिंह ने इस जागरूकता आयोजन के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुये कहा आमजनों के इस सक्रिय सहयोग से पीड़ितों को इस गम्भीर बीमारी से लड़ने का साहस मिलता होता है।
 
सिकल सेल एनेमिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रोगी के शरीर में रक्त की कमी हो जाती है एवं शरीर में असहनीय दर्द होता है यह एक अनुवांशिक बीमारी है। सतत इलाज एवं समय-समय पर ब्लड ट्रान्सफ्यूजन की स्थिति में इस रोग से पीड़ि‍त व्यक्ति लम्बा जीवन जी सकते हैं। उल्लेखनीय है क‍ि अनूपपुर जिले में लगभग 500 मरीज सिकल सेल बीमारी से पीड़ि‍त हैं। सिकल सेल पीड़ि‍त व्यक्ति को निश्चित अंतराल में रक्त (ब्लड ट्रान्सफ्यूजन) की आवश्यकता होती है।
 
जिले में आवश्यकतानुसार एवं ब्लड बैंक की क्षमतानुसार रक्त उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को अक्सर ही विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। रक्तदान से शरीर में कोई बुरा असर नहीं पड़ता है, न ही कार्यक्षमता में कोई प्रभाव पड़ता है, हर स्वस्थ जागरूक नागरिक को आगे आकर समय-समय में यह जनहितकारी कार्य करना चाहिए।  
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