मध्य प्रदेश
भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ के हालात, जन-जीवन अस्त-व्यस्त
By Swadesh | Publish Date: 14/8/2019 6:14:13 PM
भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ के हालात, जन-जीवन अस्त-व्यस्त

भोपाल। मध्यप्रदेश में मंगलवार की रात से हो रही भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का शहरों से संपर्क टूट गया है। भारी बारिश के चलते राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कों पर जलभराव की स्थिति है। इससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह से लोगों के डूबने की खबर सामने आ रही हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है और लगातार राहत एवं बचाव का काम जारी है। कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए छुट्टी घोषित कर दी गई है। इधर, मौसम विभाग ने प्रदेश के 27 जिलों में आगामी 48 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई है।

 
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को देर रात भारी बारिश का दौर शुरू हुआ, जो बुधवार को सुबह तक जारी रहा। सुबह भी रिमझिम बारिश हुई, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। मंदसौर में भारी बारिश के चलते शिवना नदी का जल स्तर बढ़ गया और इसका पानी पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह तक जा पहुंचा है। सीतामऊ और अन्य इलाकों में भारी बारिश से कई रास्ते बंद हो गए हैं। कलेक्टर मनोज पुष्प ने भारी वर्षा को ध्यान में रखते हुए मंदसौर जिले के सभी स्कूलों के विद्यार्थियों की बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी। इसके साथ ही मल्हारगढ़ क्षेत्र में भारी वर्षा होने की वजह से 4 गांव बादरी, काचरिया चन्द्रावत, बही, लूनाहैड़ा के लोगों को रेस्क्यू टीम के द्वारा बाहर निकाला गया। इन चारों गांव में राहत शिविर कैंप लगाए गए हैं। यह शिविर कैंप स्कूल एवं सरकारी भवनों में लगाए गए हैं। इन शिविरों में 700 से 800 लोग ठहरे हुए हैं। सभी को खाद्य सामग्री, पहनने के लिए वस्त्र एवं आधारभूत सुविधाएं प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जा रही हैं। 

प्रोफेसर नाले में बहा, एक किसान की मौत, चार नदी में डूबे
मंदसौर में एक प्रोफेसर का पूरा परिवार बाढ़ देखने के चक्कर में बुधवार को नाले में बह गया। इसमें प्रोफेसर आरडी गुप्ता को तो बचा लिया गया, लेकिन उनकी पत्नी बिंदु गुप्ता की मौत हो गई, जबकि उनकी 20 वर्षीय बेटी का अब तक पता नहीं चल पाया है। वही, सीतामऊ थाना क्षेत्र में तालाब में नहाने गए दो युवक डूब गए। दोनों युवक कोटेश्वर महादेव इलाके के झरने में नहाने के लिए गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवकों के शव तालाब से निकाले और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए। फिलहाल युवकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। 
 
इसी तरह सागर जिले के भानगढ़ थाना क्षेत्र में नदी में डूबने से एक किसान की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बुधवार को सुबह चार किसान उफनती पुलिया पार कर अपने खेत पर जा रहे थे, तभी एक किसान बह गया। उसे बचाने बाकी के तीन किसान भी गहरे पानी में कूद गए। पीछे आ रहे अन्य ग्रामीणों चारों को बमुश्किल बाहर निकाला। तब तक एक किसान की मौत हो चुकी थी। अन्य तीन किसानों की हालत गंभीर बनी हुई है। इसी प्रकार सागर जिले के मालथौन इलाके में दरी गांव में उफनते नाले में यात्रियों से भरा तूफान वाहन पानी में फंस गय। बताया जा रहा है कि वाहन चालक पुल पार करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पानी ज्यादा होने के कारण गाड़ी बीच मे ही फंस गई। सूचना मिलते ही आसपास के गांव वाले मौके पर पहुंचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
 
भारी बारिश के चलते जबलपुर-नरसिंहपुर स्टेट हाईवे रोड पर कमती गांव में ऊमर नदी पर बना पुल भी डूब गया, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। मौसम विभाग ने कहा है कि प्रदेश में एक बार फिर सिस्टम में बदलाव हुआ है। इसी के चलते अगले आगामी 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक उदय सरवटे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बना है, जो कि कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण प्रदेश में फैल गया है। इसी सिस्टम के कारण प्रदेशभर में जोरदार बारिश हो रही है। विभाग ने सागर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, रीवा, सतना, सिंगरौली, दतिया, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकलां, मुरैना, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, बालाघाट, खंडवा, हरदा, होशंगाबाद, देवास, सीहोर, विदिशा और रायसेन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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