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मध्य प्रदेश
मानव समाज के मार्गदर्शक होते हैं संत: स्कूल शिक्षा मंत्री
By Swadesh | Publish Date: 23/2/2019 5:17:56 PM
मानव समाज के मार्गदर्शक होते हैं संत: स्कूल शिक्षा मंत्री

रायसेन। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी शनिवार को रजक समाज द्वारा संत गाडग़े महाराज की 143वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संत किसी एक जाति या एक समाज के नहीं होते, बल्कि वे पूरे मानव समाज के संत होते हैं और मानव कल्याण के लिए सभी का मार्गदर्शन करते हैं।

 
उन्होंने कहा कि संत गाडग़े महाराज के बताएं हुए मार्ग तथा आदर्शों पर चलना ही हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है। हम सभी को उनके उपदेशों को पढऩे तथा समझने की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ी भी संत गाडके महाराज को जाने तथा उनके बताएं हुए मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि एक छोटे से परिवार में जन्म लेने के बाद भी संत गाडग़े महाराज ने पूरे मानव समाज के कल्याण के लिए काम किया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि चाहे संत गाडग़े महाराज हो, संत रविदास हो, संत कबीर दास या अन्य संत, उन्होंने एक समाज के लिए नहीं बल्कि पूरे मानव जाति के कल्याण के लिए ज्ञान का प्रकाश फैलाया है। संतों के बताए मार्ग पर चलकर हमें मानव समाज की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। शिक्षा ही वह प्रकाश है, जो हम सभी को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
 
डॉ. चौधरी कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुझे स्कूल शिक्षा विभाग का दायित्व सौंपा है और मेरा यही प्रयास है कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले, दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोंगो के बच्चों को भी शिक्षा के समान अवसर मिलें। उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिले और वह विकास की मुख्य धारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का सपना होता है कि वह स्वयं भले ही ना पढ़ पाएं हो, लेकिन उनके बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त करें, आगे बढ़े और हमारा नाम रौशन करें। माता-पिता को अपने बच्चे की शिक्षा की वास्तविक स्थिति की जानकारी हो और पालक-शिक्षक दोनों का बच्चों को उचित मार्गदर्शन मिले, इसके लिए हमने प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में पेरेंट्स टीचर मीटिंग शुरू की है। इसके निश्चित ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। हमारे द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए निरंतर सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं। इनका सबसे ज्यादा लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेगा।
 
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा लोगों के कल्याण और विकास के लिए अनेक जनहितैषी योजनाएं प्रारंभ की गई है। किसानों के लिए जय किसान फसल ऋण माफी योजना, बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना सहित अनेक जनहितैषी निर्णय लिए गए हैं और इनका लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष जमना सेन तथा नि:शक्तजन कल्याण विभाग के आयुक्त संदीप मालवीय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रृद्धांजलि भी दी गई।
 
स्कूल शिक्षा मंत्री ने 108 एम्बुलेंस का किया लोकार्पण
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शनिवार को जिला चिकित्सालय में नागरिकों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई 108 एंबुलेंस का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस नई चिकित्सा एंबुलेंस में जीवन रक्षक सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस नई एंबुलेंस के मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. दिलीप कटेलिया, डॉ. एके शर्मा तथा डॉ. बीबी गुप्ता भी उपस्थित थे। 
 
युवा स्वाभिमान योजना से आत्मनिर्भर बनेंगे शहरी युवा: स्कूल शिक्षा मंत्री
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले 21 से 30 वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के पूर्व उनकी रूचि अनुसार ऐसे ट्रेड में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे कि उन्हें भविष्य में स्थायी रोजगार प्राप्त हो सके।
 
उन्होंने बताया कि युवाओं को जो कार्य सौंपा जायेगा प्रथम 10 दिन में निकाय द्वारा उस कार्य को सुचारू रूप से करने के लिये प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगले 90 दिन में युवकों द्वारा कार्य सम्पादित किया जायेगा। इन 90 दिन में पंजीकृत युवा कौशल विकास प्रशिक्षण एवं नगरीय निकाय में रोजगार दोनों साथ-साथ करेंगे। युवाओं द्वारा किये गये कार्य का भुगतान चार हजार रुपये प्रतिमाह स्टाईपेंड के नाम से प्रत्येक माह के अन्त में युवकों के बैंक खाते में जमा किया जाएगा। कार्य की अवधि एक माह से कम होने पर समानुपातिक दर से भुगतान किया जायेगा।
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