मध्य प्रदेश
सिंधिया ने अपनी ही सरकार को फिर घेरा
By Swadesh | Publish Date: 21/10/2019 7:44:53 PM
सिंधिया ने अपनी ही सरकार को फिर घेरा

बोले-मिलावट रोकने के लिए छापे पड़ते हैं लेकिन बाद में दोषियों को छोड़ दिया जाता है
ग्वालियर में फूड टेस्टिंग लैब के भूूमिपूजन के कार्यक्रम में बोल रहे थे सिंधिया
भाजपा ने कहा- सिंधिया चुनाव हारने के बाद अपना वजूद तलाश रहे हैं

ग्वालियर. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर अपनी सरकार पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने मिलावटखोरी को मुद्दा बनाया। सिंधिया ने कहा कि मिलावट रोकने के लिए छापे मारे जाते हैं, लेकिन दोषियों को इसके बाद छोड़ दिया जाता है। जबकि होना ये चाहिए कि जहां पर छापा पड़े, वहां दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। यहां तक कि उन्हें जेल भेज देना चाहिए। सोमवार को वह ग्वालियर में फूड टेस्टिंग लैब के भूमिपूजन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
ज्योतिरादित्य अपनी ही सरकार के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार सख्ती नहीं कर रही, उन्हें छोड़ा जा रहा है। सिंधिया ने स्वास्थ मंत्री तुलसी सिलावट की तरफ इशारा करके कहा कि सिस्टम को पटरी पर लाने के लिए आपके आदेश के बगैर किसी मिलावटखोर को छोड़ा नहीं जाना चाहिए।"
'मैं राज्य में कई कहानियां सुन रहा हूं'
सिंधिया ने कहा, "मैं प्रदेश में कई कहानियां सुन रहा हूं। मिलावट को रोकने का छापा पड़ता है, लेकिन छापा पड़ने के बाद मिलावटखोरों को छोड़ दिया जाता है। उन्होंने स्वास्थ मंत्री तुलसी सिलावट को नसीहत देते हुए कहा कि मंत्री जी आपसे निवेदन है मिलावट पर सख्त कार्रवाई हो। मिलावटखोरों को जेल की सलाखों में पहुंचाया जाए। आप खुद भोपाल में बैठकर मॉनिटरिंग कीजिए। किसी को बख्शा न जाए। आपके ऑर्डर के बिना केस क्लोज नहीं होना चाहिए।"
अब होना चाहिए, शुद्ध के लिए युद्ध
सिंधिया ने कहा- स्वास्थमंत्री तुलसी सिलावट के बारे में नारा लगता है, जब है सिलावट, नहीं होगी मिलावट। लेकिन इस नारे के साथ ही अब नया नारा शुद्ध के लिए युद्ध होना चाहिए। तुलसी सिलावट प्रदेश के बिगड़े सिस्टम को पटरी पर लाना होगा। आपको ऐसा उदाहरण बनना होगा कि कोई और मिलावटखोरी की कल्पना और सपना भी न देख पाए।
भाजपा ने किया तंज
मिलावटखोरी को लेकर कार्रवाई नहीं होने पर सिंधिया के बयान पर भाजपा ने तंज किया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर ने कहा सिंधिया की हालत "अरे दीवानों... मुझे पहचानो...मैं हूं कौन" की तरह हो गई है। कांग्रेस में सिंधिया को तवज्जो नही मिल रही। चुनाव हारने के बाद वजूद तलाशने की कोशिश में लगे हैं।

COPYRIGHT @ 2018 SWADESH. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS