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दो दिन में मार्केट कैप में ढाई लाख करोड़ रुपये की कमी
By Swadesh | Publish Date: 22/8/2019 12:45:50 PM
दो दिन में मार्केट कैप में ढाई लाख करोड़ रुपये की कमी

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में जारी गिरावट के कारण पिछले दो दिन में मार्केट कैप में ढाई लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। बुधवार के कारोबार में ही शेयर बाजार में 1.5 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज हुई। नौ अगस्त के बाद से मार्केट कैप में अब तक 3,83,823.81 करोड़ (3.84 लाख करोड़) रुपये का घाटा हो चुका है। 

शेयर बाजार में जारी गिरावट का असर दिग्गज कंपनियों के साथ ही बीएसई की बाजार हैसियत पर भी हो रहा है। बुधवार को भारी गिरावट के कारण मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 138.84 लाख करोड़ रुपये रह गया था। गुरुवार को भी 170 अंकों की गिरावट से बाजार पूंजीकरण 1,37,50,104.01 करोड़ रुपये हो गया है। नौ अगस्त को बाजार पूंजीकरण 1,41,68,835.21 करोड़ रुपये रहा था। अगस्त महीने में बाजार कैपिटलाइजेशन में कुल 3.84 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
 
इसके अलावा एक रिपोर्ट के अनुसार, बीएसई 500 कंपनियों का समग्र बाजार पूंजीकरण अगस्त 2018 की तुलना में 11 प्रतिशत कम हो चुका है। पिछले एक साल में बीएसई 500 कंपनियों का पूंजीकरण 148 लाख करोड़ रुपये के शिखर तक था। इसी अवधि में निफ्टी का मार्केट कैप भी छह प्रतिशत घटकर 80.1 लाख करोड़ रुपये तक सिमट कर रह गया है। निफ्टी 50 का मार्केट कैप छह फीसदी घटकर 80.1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। जबकि एनएसई के मिडकैप 100 कंपनियों का एम कैप 17 प्रतिशत घटकर 14.3 लाख करोड़ रुपये और एनएसई का स्मॉलकैप 15 प्रतिशत घटकर 4.4 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर मार्केट के इंडेक्स में शामिल शीर्ष 10 कंपनियों का बाजार पूंजीकरण में योगदान 81 प्रतिशत है। निफ्टी का मार्केट कैप पिछले पांच साल के दौरान 80 ताख करोड़ रुपये तक बढ़ा है। इसमें से टॉप 10 कंपनियों का मार्केट कैप 21.5 लाख करोड़ रुपये रहा है। 
 
देश की दिग्गज पांच कंपनियों का मार्केट कैप में 62 फीसदी योगदान है। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीड (आरआईएल) के मार्केट कैप में पिछले पांच साल के दौरान 18 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 15 प्रतिशत, टीसीएस 12 प्रतिशत, एचयूएल 9 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक आठ प्रतिशत का योगदान दिया है। इन पांच साल के दौरान भारत की तीन दिग्गज कंपनियां आरआईएल का मार्केट कैप 4.9 लाख करोड़ रुपये, एचडीएफसी बैंक चार लाख करोड़ रुपये और टीसीएस का 3.3 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इन तीन कंपनियों ने पांच साल की अवधि में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का मार्केट-कैप ग्रोथ हासिल किया है।  
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