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मनमोहन सरकार की नीतियों से अर्थव्‍यवस्‍था हुई कमजोर, फिर भी तेज गति से कर रहे विकास: सीतारमण
By Swadesh | Publish Date: 19/10/2019 11:42:59 AM
मनमोहन सरकार की नीतियों से अर्थव्‍यवस्‍था हुई कमजोर, फिर भी तेज गति से कर रहे विकास: सीतारमण

नई दिल्‍ली । केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वाशिंगटन में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आरोपों का जवाब दिया। सीतारमण ने फिर दुहराया कि मनमोहन सरकार की नीतियों ने भारत की अर्थव्‍यवस्‍था को कमजोर किया। दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कल ही मोदी सरकार सरकार के आर्थिक लक्ष्‍यों को असंभव करार दिया था। कांग्रेस ने भी भाजपा पर सच्‍चाई से आंख मूंदने का अरोप लगाते हुए कहा था कि अगले छह महीने में अर्थव्‍यवस्‍था का बुरा हाल होगा। 

वित्तमंत्री ने कहा कि अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने विकास दर का अनुमान भले ही घटाया  है, लेकिन हम अब भी दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍था हैं। सीतारमण ने कहा कि अच्छा होता मनमोहन सिंह दूसरे मुद्दों पर सलाह देते।

सीतारमण ने ग्लोबल इनवेस्टर्स (वैश्‍विक निवेशकों) से कहा कि भारत में भी कॉर्पोरेट टैक्स अब दुनिया के अन्‍य देशों की तुलना में सबसे कम दरों में से एक है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मनमोहन सरकार को विकास का सेहरा जाता है और मौजूदा सरकार के समय हालात बिगड़े हैं।

विश्व बैंक और आईएमएफ की सालाना बैठक में हिस्सा लेने वाशिंगटन पहुंचीं सीतारमण ने कहा कि आईएमएफ ने भारत और चीन दोनों की 6.1 फीसदी की समान विकास दर रहने उम्मीद जताई है। इसके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज गति से विकास करने वाली अर्थव्‍यवस्‍था बना हुआ है। विकास दर में तेजी लाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि आईएमएफ ने हालिया रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था की विकास दर को घटा दिया है। इसने भारत की विकास दर के अनुमान को भी घटाया है। वित्तमंत्री ने कहा कि इस विकास दर से सरकार निश्चिंत नहीं है, इसको बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बात सच है कि अर्थव्‍यवस्‍था पहले की तरह से वृद्धि नहीं कर रही है। ये 7-8 फीसद की विकास दर नहीं दर्ज कर रही, लेकिन हम इस बात को नकार नहीं सकते कि इस हालात में भी हमारी अर्थव्‍यवस्‍था बेहतर प्रदर्शन कर रही है। सीतारमण ने कहा कि सभी सेक्टर की बातें सुनकर सरकार उनकी समस्याएं दूर करने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

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