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दो हजार करोड़ रुपये के धनशोधन घोटाले का डीआरआई ने किया भंडाफोड़
By Swadesh | Publish Date: 14/7/2018 3:40:27 PM
दो हजार करोड़ रुपये के धनशोधन घोटाले का डीआरआई ने किया भंडाफोड़

नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने भारत डायमंड बोर्स में 2000 करोड़ रुपये के धनशोधन रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार डीआरआई द्वारा हाल ही में बीडीबी के बांद्रा कुर्ला परिसर में की गई छापेमारी से इसका पता चला। पकड़े गए माल में‘ कम गुणवत्ता‘ वाले कच्चे हीरे थे जिनकी कीमत 156 करोड़ रुपये घोषित की गई थी। हालांकि पुनर्मूल्यांकन में इनकी कीमत 1.2 करोड़ रुपये निर्धारित हुई। 

 
एक अधिकारी ने कहा कि विशेषज्ञों के मूल्यांकन में कम गुणवत्ता वाले इन हीरों की कीमत 1.2 करोड़ रुपये निर्धारित की जबकि इनकी घोषित कीमत 156 करोड़ रूपये थी। जांच के दौरान पता चला कि निर्यातकों के साथ मिलकर ये कच्चे हीरे हांगकांग और दुबई जैसे विदेशी बाजारों से आयात किए गए और इनकी कीमत ज्यादा दिखाई गई।  निर्धारित से ज्यादा कीमत आंकने वाले इस रैकेट के जरिये करीब 2000 करोड़ रुपये के धनशोधन का अनुमान है। छापों के दौरान 10 लाख रुपये नकद, 2.2 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट, चेक बुक, आधार कार्ड और पेन कार्ड बरामद किए गए।
 
अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार चारों आरोपी हीरा मूल्यांकन करने वाले दल के सदस्यों की मदद से माल की निर्धारित से ज्यादा कीमत तय करा लेते थे। उद्योग नियामक रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद  ने कहा कि उसके सदस्यों ने इस गोरखधंधे को उजागर करने में विहिसल ब्लोअर के रूप में काम किया। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद  ने बयान जारी कर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग जो परिषद के सदस्य भी नहीं हैं, धनशोधन और भ्रष्टाचार के लिए रत्न और आभूषण उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में जीजेईपीसी ने उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के साथ ऐसे कदाचार को उजागर करने के लिए अभियान में साथ दिया है।
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