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गोदामों में अनाज के खराब होने की मात्रा में आई कमी
By Swadesh | Publish Date: 21/7/2018 4:02:48 PM
गोदामों में अनाज के खराब होने की मात्रा में आई कमी

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में अनाज के खराब होने की मात्रा में पिछले 5 सालों में खासा कमी दर्ज की गई है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री सी आर चौधरी ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि एफसीआई के गोदामों में खराब होने वाले अनाज की मात्रा वित्तीय वर्ष 2013-14 में 209 टन थी जो 2017-18 में घट कर 22 टन रह गई है।

 
चौधरी ने बताया कि इस अवधि में खराब हुए अनाज से हुए नुकसान की मात्रा 17.03 लाख रुपए से घटकर साल 2017-18 में 2.33 लाख रुपए रह गई। इस साल एक जून तक गोदामों में रखे अनाज के भीगने से खराब होने का कोई मामला नहीं सामने आया है।
 
सपा के विशम्भर प्रसाद निषाद और सुखराम सिंह यादव ने पूछा था कि पिछले 5 साल में मानसून के दौरान गोदामों में रखा कितना अनाज खराब हुआ और इसके लिए किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई या नहीं।
 
चौधरी ने 5 साल के आंकड़ों के हवाले से बताया कि एफसीआई के अपने गोदामों और केन्द्रीय तथा राज्य भंडारण निगम से किराये पर लिए गए गोदामों में अनाज की क्षति के लिए 5 राज्यों (बिहार, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और दिल्ली) में 29 अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
 
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में 14.85 लाख रुपए की अनुमानित लागत का 130 टन, 2015-16 में 13.13 लाख रुपए का 119 टन, 2016-17 में 17.25 लाख रुपए का 138 टन और 2017-18 में 2.33 लाख रुपए का 22 टन अनाज खराब हुआ।
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