छत्तीसगढ़
रायगढ़ जिला प्रदेश में सर्वाधिक पीएम आवास बनाने वाला जिला होगा
By Swadesh | Publish Date: 29/6/2019 4:00:13 PM
रायगढ़ जिला प्रदेश में सर्वाधिक पीएम आवास बनाने वाला जिला होगा

रायगढ़। जिले को प्रदेश में सबसे ज्यादा पीएम आवास 65547 स्वीकृत हुए थे जिसमें से 58635 आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष बचे 6912 आवास को पूरा कराने के बाद रायगढ़ जिले की पीएम  आवास का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।  इसके लिए अंतिम तिथि 30 अगस्त निर्धारित की गई है। दरअसल इन दिनों पीएम आवास को लेकर सख्ती बरती जा रही है। रायगढ़ जिले को प्रदेश में सर्वाधिक 65547 आवास स्वीकृत हुए थे। जो प्रदेश के सभी जिलों से अधिक है। रायगढ़ के बाद जांजगीर चांपा को 63203 आवास स्वीकृत हुए थे। 30 अगस्त तक शेष बचे 6912 पीएम आवास को पूरा कराना प्रशासन के लिए फिलहाल चुनौती  से कम नहीं है ।लेकिन सीईओ जिला पंचायत श्रीमती संजय चन्दन त्रिपाठी  द्वारा लगातार सभी जनपद में बैठक कर समय सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

 
प्रदेश में रायगढ़ जिला सबसे ज्यादा पीएम आवास बनाने वाला जिला बनने की ओर अग्रसर है। रायगढ़ जिले को प्रदेश में सबसे ज्यादा पीएम आवास स्वीकृत की गई थी। पीएम आवास के लिए सभी जिले से आवदेन मंगवाए गए थे जिसमें रायगढ़ जिले में 72284 आवेदन रजिस्टर्ड हुए थे जिसमें 70241 आवेदनों का जियो टेगिंग किया गया था। इसके बाद रायगढ़ जिले को 65547 का लक्ष्य दिया गया था। जिसे पूरा करने की ओर है। ऐसा सिर्फ रायगढ़ के लिए नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में पीएम आवास को लेकर सख्तियां बरती जा रही है।
 
 जिले के सारंगढ़ ब्लाक को सबसे ज्यादा पीएम आवास 14826 स्वीकृत हुआ था। इसके बाद बरमकेला ब्लाक को 10210 आवास स्वीकृत किए गए थे। वहीं सबसे कम पीएम आवास लैलूंगा में 2766 स्वीकृत हुए थे।आवास पूरा करन 30 अगस्त तक का लक्ष्य रखा गया है।
 
पीएम आवास को लेकर सीईओ जिला पंचायत  लगातार सभी ब्लाक के सीईओ, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायकों आवास मित्र के साथ बैठक कर अपूर्ण पीएम आवास की समीक्षा कर रही हैं और हर हाल में 30 अगस्त तक पूरा कराने की हिदायत दी जा रही है। साथ ही पीएम आवास निर्माण स्थल का भी लगातार जायजा लेकर जियो टैगिंग पूरा कराने का निर्देश दिया जा रही है।
 
 अब तक पीएम आवास की पूरी राशि तीन किश्तों में दी जाती थी ।लेकिन सत्र 2018-19 से पीएम आवास की एक किश्त की बढ़ोतरी कर दी गई है। साल 2017-18 तक अंतिम किश्त की राशि 24 हजार दी जाती थी ,लेकिन अंतिम किश्त की राशि मिलने के बाद गई हितग्राही आवास का रंग रोगन कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाते थे। अंतिम किश्त की राशि मिल जाने के बाद हितग्राही की लगातार लापरवाही को देखते हुए अंतिम किश्त 10 हजार को चौथे किश्त के रूप में दी जाने लगी है।
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