छत्तीसगढ़
बस्तर संभाग के सभी जिलों में हर परिवार को हर महीने दो किलोग्राम गुड़
By Swadesh | Publish Date: 4/7/2019 4:41:29 PM
बस्तर संभाग के सभी जिलों में हर परिवार को हर महीने दो किलोग्राम गुड़

रायपुर। भूपेश सरकार की कैबिनेट की बैठक बुधवार देर शाम को हुई। बैठक में आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के सभी जिलों में हर परिवार को गुड़ बांटने का निर्णय लिया गया है। राशन कार्ड के आधार पर प्रति परिवार को हर महीने दो किलोग्राम गुड़ वितरित किया जाएगा।

यहां के लोगों में कमजोरी और एनिमिया की बीमारी को देखते हुए निर्णय लेने का दावा सरकार ने किया है। गुड़ की खरीददारी प्रदेश के गन्ना किसानों और गुड़ फैक्ट्रियों से सरकार सीधे करेगी। इस योजना से किसानों को भी लाभ मिलेगा। भूपेश कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए वरिष्ठ मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि बस्तर संभाग के सभी 7 जिलों में हर परिवार को गुड़ बांटने के निर्णय से वहां के लोगों के साथ कि गन्ना किसानों को भी लाभ मिलेग। 
 
मंत्री चौबे ने कहा कि कुछ महीनों से अफवाह फैलायी जा रही थी कि सरकार आदिवासी बाहुल्य ब्लॉकों में चना बांटने की योजना बंद कर रही है, लेकिन ऐसा नहीं है। हमारी सरकार प्रदेश के साभी 85 आदिवासी बाहुल्य ब्लॉकों में चना बांटने की योजना जारी रखेगी।
 
रेत खदानों को क्लस्टर बनाकर कलेक्टर के माध्यम से किया जाएगा नीलाम
प्रदेश की रेत खदानों की नीलामी अब सीएमडीसी नहीं बल्कि कलेक्टर करेंगे। राज्य में करीब 800 रेत खदानें हैं जिनमें से पर्यावरण स्वीकृति वाली राज्य की 235 रेत खदानों का ठेका क्लस्टर बनाकर किया जाएगा। दो से तीन गांवों को एक क्लस्टर में शामिल किया जाएगा।
 
इस तरह लगभग 100 क्लस्टर बनने की संभावना है। मुख्यमंत्री निवास में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें रेत खदानों का ठेका समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। निर्णयों की जानकारी कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने दी। उन्होंने बताया कि रेत नीलामी प्रति घन मीटर के अधिकतम कीमत के आधार पर की जाएगी।
 
इसके अलावा रेत की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अब रेत व्यापारियों और रेत का परिवहन करने वालों का भी पंजीयन किया जाएगा, ताकि मनमानी रूक सके। इसकी निगरानी के लिए 30 उड़नदस्ते बनाए जाएंगे। डीएमफ फंड के तहत स्थानीय निकायों को अभी तक अधिकतम 13 करोड़ की रायल्टी मिलती थी, जो बढ़कर लगभग ढाई सौ करोड़ तक हो जाएगी।
 
पंचायत आैर निकायों से मिलने वाली राशि में 25 फीसदी वृद्धि कर सरकार उसे वापस देगी। इस राशि का उपयोग सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर में ही किया जा रहा था लेकिन अब खनन से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और रिक्तियों की नियुक्तियों में भी किया जाएगा।
 
पट्टा होंगे फ्री होल्ड
मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि कैबिनेट ने प्रदेश के सभी पट्टाधारियों को राहत देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में साल 1984, 1998 और 2003 में बांटे गए सभी पट्टों को फ्री होल्ड कर उसका स्वामित्व पट्टाधारी को ही सौंप देगी, इनमें वो लोग भी शामिल होंगे, जिन्होंने किसी अन्य से पट्टे की भूमि खरीद ली है। इससे प्रदेश के एक बड़े वर्ग को लाभ मिलेग। इसके साथ ही शहीद वीर नारायण के तीन अन्य वारिसों को भी सरकार ने पेंशन देने का निर्णय लिया है।
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