Ad
ब्रेकिंग न्यूज़
राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई 26 तक टलीराहुल के ‘चोकीदार चोर है’ अभियान के बचाव में आई कांग्रेसप्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों की विरासत को आगे बढ़ाऊंगा: गौतम गंभीरभाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी, रमेश बिधूड़ी सहित गौतम गंभीर और हंसराज हंस ने दाखिल किया नामांकनउप्र में तीसरे चरण का मतदान समाप्त, मुलायम समेत 120 उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम में कैदअखिलेश की सभा में तोड़ी कुर्सियां, नारेबाजी के कारण डिंपल नहीं दे पायीं पूरा भाषणफरीदाबाद को गुंडाराज से मुक्ति दिलाएंगे नवीन जयहिंद : सिसोदियासुषमा, शिवराज व तीन पूर्व मंत्रियों की मौजदगी में भरा भाजपा उम्मीदवार भार्गव ने नामांकन
छत्तीसगढ़
खुद को आम्बेडकरवादी बोलने का नक्सलियों को हक नहीं : रामदास आठवले
By Swadesh | Publish Date: 8/11/2018 5:38:33 PM
खुद को आम्बेडकरवादी बोलने का नक्सलियों को हक नहीं : रामदास आठवले

रायपुर। केंद्रीय सामाजिक राज्य मंत्री रामदास आठवले गुरुवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी दौरे पर आए। उन्होंने बचेली में गुरुवार सुबह हुए नक्सल हमले पर दुःख जताया और नक्सलियों से समाज की मुख्यधारा में जुड़ने की अपील की। 

 
उन्होंने नक्सलियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, नक्सलियों को खुद को आम्बेडकरवादी बोलने का हक नहीं है। क्योंकि अगर आप आम्बेडकरवादी है, तो आपको नक्सलवाद छोड़ना होगा। रिपब्ल्किन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख व केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रायपुर दौरे के दौरान पत्रकार वार्ता कर कहा, छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में 83 पर उनकी पार्टी भाजपा को सहयोग कर रही है, जबकि 7 सीटों पर वो खुद चुनाव लड़ रही है। भाजपा व हमारी पार्टी के प्रत्याशी जीत रहे हैं और प्रदेश में चौथी बार डॉ रमन के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है। 
 
रामजन्म विवाद के पत्रकारों द्वारा सवाल का जवाब देते हुए अठावले ने कहा, इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला जनवरी में आएगा। उससे पूर्व कानून हाथ लेकर मंदिर बनाना ठीक नहीं है। वहां हिन्दुओं के लिए राम मंदिर तो बनना ही चाहिए और मुस्लिम के लिए मस्जिद भी बननी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या आता है, उसी के आधार पर यह तय होगा कि क्या बनेगा। 
 
राम मंदिर भूमि को लेकर उन्होंने नया दांव चलते हुए कहा, वैसे तो कई सारे लोगों का दावा हो सकता हैं वहां तो हमारे बुद्ध का मंदिर था। वहां उत्खनन करेंगे तो बुद्ध के अवशेष मिलेंगे। इसलिए तो हम दोनों के झगड़ों में नहीं पड़ना चाहते, कुछ हमारे बुद्धिष्ठों की याचिका सुप्रीम कोर्ट में है। उन्होंने दावा किया है कि वास्तिवक जमीन के मालिक वो है। इसका तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि जब ढाई हजार पूर्व सम्राट आशोका के बाद सारा देश बुद्धिष्ठ था तो वहां बुद्ध का मंदिर था।
COPYRIGHT @ 2018 SWADESH. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS