छत्तीसगढ़
मंदिर के जमीन पर असामाजिक तत्वों की नजर
By Swadesh | Publish Date: 13/12/2018 2:53:21 PM
मंदिर के जमीन पर असामाजिक तत्वों की नजर

जगदलपुर। धरमपुरा अटल बिहारी वाजपेई वार्ड स्थित नजूल भूमि पर असामाजिक तत्वों की नजर पड़ गई है। वार्डवासियों द्वारा भूमि पर मंदिर निर्माण की योजना बनाई गई है, लेकिन वार्ड के ही कुछ लोग इसे बेचने की फिराक में हैं, जिसकी शिकायत आज वार्ड के लोगों में कलेक्टर बस्तर और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कर भूमि को सुरक्षित और संरक्षित करने की मांग की है। 

 
जय सीताराम महिला समिति द्वारा उक्त स्थल पर मंदिर बनाने की योजना है। कलेक्टर को दिए ज्ञापन के में समिति की महिलाओं ने बताया है कि वार्ड क्रमांक 38 में स्थित खसरा क्रमांक 119 घास भूमि के तौर पर शासकीय अभिलेख में दर्ज है। 0.50 हेक्टेयर भूमि में से 50 डिसमिल भूमि विगत 40 वर्षों से ग्रामवासियों द्वारा सुरक्षित रखा गया है। उक्त भूमि में जय सीताराम महिला समिति धरमपुरा द्वारा चार दीवारी,अहाता निर्माण एवं मंदिर परिसर से लगे सार्वजनिक भवन में अटैच कर शौचालय निर्माण की योजना है, साथ ही उक्त भूमि में सामुदायिक भवन भी प्रस्तावित है समिति द्वारा उक्त भूमि पर बनाई गई योजना का प्रस्ताव स्थानीय स्तर पर नेताओं और प्रशासन को भी दिया गया है। लेकिन वर्तमान में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नजूल शासकीय भूमि पर कब्जा कर विक्रय करने का प्रयास किया जा रहा है जिसे लेकर समिति की महिलाओं ने गुरुवार को कलेक्टर बस्तर अय्याज तंबोली को ज्ञापन दिया तथा उक्त भूमि को संरक्षित करने हेतु निवेदन किया । वार्ड वासियों का कहना है कि विगत 40 वर्षों से उक्त भूमि पर मंदिर बनाने की योजना है जिसे लेकर समय-समय पर समिति के द्वारा बैठक इत्यादि कर फंड इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि सुंदर मंदिर व सार्वजनिक भवन बनाया जा सके। समिति द्वारा राजस्व नगर निगम आयुक्त को भी ज्ञापन दिया गया है।
 
समिति की अध्यक्ष वैदेही नायक ने बताया कि लगातार इलाके के कुछ युवक धमकी देकर उक्त जमीन को खाली करने की बात कह रहे हैं । उन्होंने बताया की वार्ड के निवासियों तथा धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों के लिए यह स्थल चयनित है जिसका निर्माण केवल और केवल मंदिर के लिए होगा । ज्ञापन देने समिति अध्यक्ष वैदेही नायक, पवन नाग,गीता निषाद ,शिव शंकर माझी ,कुंती कराई,दुर्गा निषाद ,अमृता ,फुलेश्वरी कराई ,कमलाकर कराई, लखन राम, गुज्जी, हेमन्त कराई, कृष्णा कराई सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य और वार्ड की महिलाएं पहुंची थी।
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