छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में बढ़ा क्राइम का ग्राफ, 12 घंटे के भीतर गोली मारने और लूट की अलग-अलग वारदात, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
By Swadesh | Publish Date: 2/2/2019 4:19:00 PM
छत्तीसगढ़ में बढ़ा क्राइम का ग्राफ, 12 घंटे के भीतर गोली मारने और लूट की अलग-अलग वारदात, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

रायपुर। रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में शुक्रवार रात बीच सड़क पर एक सराफा व्यापारी को गोली मारकर हमलावरों द्वारा जेवरातों से भरा बैग छीन कर भाग निकलने की घटना से शहर में व्यापारियों के बीच आतंक का माहौल है। हमले में व्यापारी पिता-पुत्र दोनों ही घायल हैं। वहीं इस घटना के कुछ घंटे पहले ही एक ज्वेलरी की दुकान में हुई लूटपाट ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है।

 
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की नई सरकार आने के बाद राज्य में अपराधिक घटनाओं के ग्राफ में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। नई सरकार के गठन के बाद से यहां चोरी, डकैती, मर्डर, लूट-पाट आदि की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हो गया है। राजधानी समेत राज्यभर में जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं, ऐसे में भला जनता जनार्दन का क्या होगा, यह कौन सोचेगा और इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा? 
 
नई सरकार के आने के बाद पिछले कुछ दिनों में हुई क्राइम की घटनाओं पर ही नजर डाले तो स्थिति साफ हो जाती है। तीन दिन पहले ही भिलाई में कोलकाता की एक महिला को अगवा कर 10 लाख रूपये फिरौती की मांग की गई। मौजूदा मुख्यमंत्री के गृह नगर भिलाई के खुशीपारा में दो दिन पहले ही एक ट्रांसपोर्टर की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई। साथ ही चारों आरोपी सभी सबूतों को मिटाकर चुपचाप निकल गए। इस मामले में गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया जा रहा है लेकिन पुलिस ने इसे गोलीकांड मानने से इनकार कर दिया। पुलिस कह रही है कि सिर पर किसी सामान से मारकर हत्या की गई है। 
 
कवर्धा में पांच दिन पहले ही एक बुजुर्ग महिला को खेत में ही मार डाला गया और उसके जेवरात लूटकर खूनी लुटेरे भाग निकले। हफ्ता दिन पहले ही नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में तीन लोगों को मार कर बीच सड़क पर लाश को फेंक दिया। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह जिले में ही भाजपा के एक कार्यकर्ता को दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। 
 
राज्य में पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी भी लाजवाब देखने को मिल रही है। हाल ही में शहर के एक थाने में रात को गश्त छोड़ कर पांच पुलिस जवान नशे की हालत में थाने में सो रहे थे। हालांकि उसी वक्त एसपी के दौरे के बाद इस घटना की लापरवाही का पता चला और नशे में धुत पांचों पुलिस वालों को निलंबित कर दिया गया। लेकिन पुलिस प्रशासन की गलतियों की यह कोई आखिरी सूची नहीं है। नई सरकार के आने के बाद से राज्य का हाल ऐसा है कि अब पुलिस वालों के परिवार ही डकैती करने में शामिल हो रहे हैं। दुर्ग में हाल ही में वर्दी वालों के बच्चों ने एक शराब दुकान के कलेक्शन एजेंट से 17 लाख रुपए लूट लिए।
 
हाल ही में मौदहापारा में स्क्रैप कारोबारी के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। थाने के पुलिस ने कारोबारी के परिजनों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया था, जबकि पूरे इलाके में जिन संदेहियों को लेकर चर्चा थी वही आरोपी निकले। आला अफसरों के हस्तक्षेप के बाद ही जांच में तेजी लायी गई, लेकिन तब तक कारोबारी की हत्या की जा चुकी थी।
 
बेमेतरा में कुछ दिन पहले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का ताला तोड़कर चोरों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंप्यूटर को आग के हवाले कर दिया। चोर चोरी करने के बजाय कंप्यूटर में गलाने क्यों आया था। ऐसा क्यों किया गया, इस मामले के बारे में प्रशासन अभी तक मौन है। बेमेतरा में ही कुछ दिन पहले ही बंदूक की नोक पर नवागढ़ पेट्रोल पंप में आधी रात को तीन लूट लेने की घटना हो चुकी है।
 
नई सरकार के आने के बाद से मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों को ठगने की कई घटनाएं राज्यभर में हो चुकी हैं। जिनमें करोड़ों की ठगी हो चुकी है। 
 
अगर हम क्राइम रिकार्ड के आंकड़ों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 2016 में आईपीसी क्राइम के तहत 55029 मामले दर्ज हुए। जबकि 2013 में राज्य में क्राइम के 56,870 मामले दर्ज हुए थे। आंकड़ो से यह साफ हो जाता है कि रमन सिंह की पिछली सरकार क्राइम के आंकड़ों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही थी जिसका नतीजा आंकड़े साफ बता रहे हैं। 2018 के साल में भी पिछली सरकार के रहते हुए अपराध की समीक्षा में हत्या के मामलों में 50 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई थी। हादसे कम हुए, गुमशुदा बच्चों की तलाश के मामलों में भी राज्य के कई जिले बेहतर रहे। 
 
लेकिन 2019 की शुरूआत से ही पूरे राज्य में क्राइम की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हो रहा है। महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। खुफिया विभाग से जुड़े एक आधिकारिक सूत्र के मुताबिक नई सरकार के गठन के अगले दो सालों में क्राइम के आंकड़े पुरानी सरकार के आंकड़ों को पार कर लेगी।
 
जबकि लूट, डकैती और अपहरण जैसी बड़ी घटनाओं पर पर पुलिस मुख्यालय में एक क्राइम डेस्क बनाया गया है। घटनाओं की स्थिति को समझते हुए डेस्क के अधिकारियों पर एसआईटी यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर भी जांच करवाने की भी जिम्मेदारी है। लेकिन इतनी सारी व्यवस्थाओं के बावजूद हर रोज राजधानी रायपुर और राज्य में बढ़ता क्राइम का ग्राफ कुछ और ही इशारा कर रहा है। पुलिस अधीक्षक नीथू कमल के अनुसार अपराधों पर लगाम लगाने कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। रायपुर एसपी क्राइम सी.दौलतराम ने शहर में लगातार बढ़ते अपराधिक घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर हिन्दुस्थान समाचार से चर्चा करते हुए कहा कि, अपराध के मामलों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं और शुक्रवार रात सर्राफा व्यापारी के साथ हुई लूटपाट और गोलीबारी के मामलों को देख रहे हैं। 
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