धर्म
अनसर काल में जगन्नाथ स्वामी को लग रहा है औषधीय भोग
By Swadesh | Publish Date: 29/6/2019 3:57:37 PM
अनसर काल में जगन्नाथ स्वामी को लग रहा है औषधीय भोग

जगदलपुर। स्थानीय जगन्नाथ मंदिर में 17 जून को चंदन यात्रा पूजा विधान के साथ बस्तर गोंचा पर्व प्रारंभ हो गया है। चंदन यात्रा पूजा विधान के बाद भगवान जगन्नाथ स्वामी का अनसर काल 18 जून से  2 जुलाई तक जारी रहेगा, भगवान जगन्नाथ स्वामी अनसर काल के दौरान जगन्नाथ मंदिर स्थित मुक्ति मंडप में स्वास्थ्य लाभ के लिए स्थापित किया गया है। चंदन यात्रा पूजा विधान के दौरान चंदन स्नान से तथा वर्षा ऋुतु के आगमन के साथ मान्यता अनुसार प्रभु जगन्नाथ स्वामी बीमार पड़ जाते हैं। 

परम्परा अनुसार जगन्नाथ स्वामी के अनसर काल के दौरान 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के पुजारियों द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी का  औषधीय  युक्त भोग लगाया जा रहा है। औषधीय युक्त भोग से भगवान जगन्नाथ स्वामी स्वस्थ होकर नेत्रोत्सव पूजा विधान को पूर्ण श्रृंगार के साथ पुन: श्राद्धालुओं के दर्शन के लिए जगन्नाथ मंदिर के गर्भ गृह के बाहर स्थापित किए जायेंगे, जहां श्रद्धालु प्रभु जगन्नाथ स्वामी का दर्शनलाभ ले सकते हैं। 
 
जगन्नाथ स्वामी के अनसर काल के दौरान जगन्नाथ स्वामी के विग्रहों को नवकलेवर का कार्य किया जाता है। नवकलेवर का कार्य इन दिनों जारी है, इस दौरान प्रभु जगन्नाथ स्वामी का दर्शन वर्जित है। 360 घर आरण्यक ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष ने कहा है कि प्रभु जगन्नाथ स्वामी के दर्शन मुक्ति मंडप के बाहर से ही किये जा सकते हैं, इससे भी उतना ही पुण्य लाभ होता है, जितना गोंचा पर्व के दौरान दर्शन से होता है।
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