धर्म
इस बार 11 दिन का रहेगा गणेशोत्सव, बनेंगे दुर्लभ संयोग
By Swadesh | Publish Date: 27/8/2019 5:19:36 PM
इस बार 11 दिन का रहेगा गणेशोत्सव, बनेंगे दुर्लभ संयोग

भोपाल। मध्यप्रदेश में हर साल की तरह इस वर्ष भी गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। आगामी सितम्बर के पहले सप्ताह से शुरू होने जा रहे गणेशोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रदेशभर में जहां गणेश उत्सव समितियां भव्य पांडाल और झांकियां बनाने में व्यस्त हैं तो गली-मोहल्लों में बच्चों से लेकर युवा तक गणेशजी की स्थापना के लिए चंदा वसूली में जुट गए हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार गणेशोत्सव का पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है और तिथियों के फेर के कारण यह दस दिवसीय उत्सव इस साल 11 दिन का रहेगा। 

 
भोपाल ज्योतिष संस्थान मठ के आचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार आगामी दो सितंबर को गणेशोत्सव की शुरुआत होगी और यह उत्सव आगामी 12 सितम्बर को गणेश चतुर्दशी तक मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कैलेडर के अनुसार दो सितम्बर को हरितालिका तीज है। यह पर्व सायंकालीन होता है, इसलिए इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर रातभर पूजन-अर्चन करती हैं, लेकिन तीन सितम्बर को चतुर्थी और पंचमी तिथि एक साथ पड़ रही हैं। इस दिन चतुर्थी मध्यान्ह व्यापिनी होने के कारण गणेश प्रतिमाओं की स्थापना दो सितम्बर को किया जाएगा श्रेयस्कर रहेगा। उन्होंने बताया कि ऐसा  संयोग 12 साल बाद बन रहा है, जब हरतालिका तीज व्रत के पूजन के पहले गणेशजी की स्थापना होगी।
 
जबकि भोपाल के ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र शास्त्री के अनुसार, तृतीया तिथि एक सितम्बर को सुबह 11.02 बजे से शुरू होकर दो सितंबर को सुबह 8:42 तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी, जबकि हरितालिका तीज का वृत हरितालिका व्रत तृतीया तिथि एवं हस्त नक्षत्र में मनाया जाता है और यह दो सितम्बर को आ रहा है, इसलिए महिलाएं सुख, सौभाग्य, पुत्रों की लम्बी आयु की कामना के लिए दो सितम्बर को सायंकाल से चार प्रहर तक व्रत रखकर हरितालिका तीज का पर्व मनाएंगी।
 
वहीं, चतुर्थी तिथि भी दो सितम्बर को ही शुरू होगी, इसीलिए गणेशजी की स्थापना भी इसी दिन होगी और यह पर्व 12 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है, इसलिए इस बार गणेशोत्सव 11 दिन का रहेगा। उन्होंने बताया कि इस बार गणेशोत्सव के दौरान स्वार्थसिद्ध, रवि-पुष्य जैसे विशेष संयोग भी बन रहे हैं।
 
राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में गणेशोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जगह-जगह गणेश जी स्थापना होगी, इसके लिए भव्य पंडाल बनाए जा रहे हैं। इधर, प्रशासन ने पीओपी की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके चलते कलाकार मिट्टी के गणेशजी बनाने में जुटे हैं। बाजारों में मिट्टी के गणेश बिकने भी शुरू हो गए हैं।
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