धर्म
देवउठनी एकादशी 8 नवंबर को, जानिये इस दिन शालिग्राम की पूजा करने से क्या फल मिलता है ?
By Swadesh | Publish Date: 5/11/2019 8:27:48 PM
देवउठनी एकादशी 8 नवंबर को, जानिये इस दिन शालिग्राम की पूजा करने से क्या फल मिलता है ?

नई दिल्ली . देवउठनी एकादशी 8 नवंबर को है। इस दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी के विवाह की परंपरा है। शालिग्राम शिला को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण की एक कथा के अनुसार तुलसी ने भगवान विष्णु को पत्थर बनने का श्राप दिया था। इसलिए भगवान विष्णु को शालिग्राम बनना पड़ा और इस रूप में उन्होने तुलसी से विवाह किया। इसलिए इनका विवाह करवाने से भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं।

- तुलसी शालिग्राम विवाह करवाने से मिलता है कन्यादान करने का फल
- जहां भगवान शालिग्राम की पूजा होती है, वहां विष्णुजी के साथ महालक्ष्मी भी निवास करती हैं।
- इसे स्वयंभू माना जाता है यानी इनकी प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी व्यक्ति इन्हें घर या मंदिर में स्थापित करके पूजा कर सकता है।
- शालिग्राम अलग-अलग रूपों में मिलते हैं। कुछ अंडाकार होते हैं तो कुछ में एक छेद होता है। इस पत्थर में शंख, चक्र, गदा या पद्म से निशान बने होते हैं।
- भगवान् शालिग्राम की पूजा तुलसी के बिना पूरी नहीं होती है और तुलसी अर्पित करने पर वे तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं।
- शालिग्राम और भगवती स्वरूपा तुलसी का विवाह करने से सारे अभाव, कलह, पाप, दुःख और रोग दूर हो जाते हैं।
- तुलसी शालिग्राम विवाह करवाने से वही पुण्य फल प्राप्त होता है जो कन्यादान करने से मिलता है।
- पूजा में शालिग्राम को स्नान कराकर चंदन लगाएं और तुलसी अर्पित करें। भोग लगाएं। यह उपाय तन, मन और धन सभी परेशानियां दूर कर सकता है।
- विष्णु पुराण के अनुसार जिस घर में भगवान शालिग्राम हो, वह घर तीर्थ के समान होता है।
- शालिग्राम नेपाल की गंडकी नदी के तल से प्राप्त होते हैं। शालिग्राम काले रंग के चिकने, अंडाकार पत्थर को कहते हैं।
- पूजा में शालिग्राम पर चढ़ाया हुआ भक्त अपने ऊपर छिड़कता है तो उसे तीर्थों में स्नान के समान पुण्य फल मिलता है।
- जो व्यक्ति शालिग्राम पर रोज जल चढ़ाता है, वह अक्षय पुण्य प्राप्त करता है।
- शालिग्राम को अर्पित किया हुआ पंचामृत प्रसाद के रूप में सेवन करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
- जिस घर में शालिग्राम की रोज पूजा होती है, वहां के सभी दोष और नकारात्मकता खत्म होती है।
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