धर्म
धनतेरस 2018: धन के देव कुबेर होंगे प्रसन्न, होगी धनवर्षा इस मंत्र के साथ करें पूजा
By Swadesh | Publish Date: 5/11/2018 1:31:08 PM
धनतेरस 2018: धन के देव कुबेर होंगे प्रसन्न, होगी धनवर्षा इस मंत्र के साथ करें पूजा

नई दिल्ली। देशभर में आज धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है। दीपावली के दो दिन पहले आने वाले इस त्योहार को लोग काफी धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन गहनों और बर्तनों की खरीदारी जरूर की जाती है। धनत्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था और इसलिए इस दिन को धनतेरस के रूप में पूजा जाता है। आज के दिन जो बर्तनों और मूर्ति आदि खरीदें जाते उसकी पूजा दीपावली के लिए की जाती है। इसे दीपावली का प्रारंभ माना जाता है। धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और मृत्युदेव यमराज की पूजा-अर्चना को विशेष महत्त्व दिया जाता है। इस दिन को धनवंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है। 

 
अगर आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी आपके घर में साल भर विराजमान रहे, तो आज के दिन भगवान धनवंतरी की पूजा करना जरूरी है। आज के दिन इस मंत्र के साथ भगवान की पूजा करने से ये माना जाता है कि देव प्रसन्न होते हैं और धन की वर्षा होती है। 
 
'देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः 
पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरि: स भगवानवतात सदा नः 
ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि'
 

धनतेरस 2018 शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और मृत्युदेव यमराज की पूजा-अर्चना को विशेष महत्व दिया जाता है. इस बार पूजा का मुहूर्त वृष लगन में शाम 6:57 से रात 8:49 बजे तक है. शाम के अतिरिक्त अगरआप दोपहर में खरीददारी करना चाहते हैं, तो दोपहर  01:00 से 02:30 बजे तक और फिर शाम रात 05:35 से 07:30 बजे तक भी शुभ मुहूर्त है. 

धनतेरस पूजन विधि 
प्रातः उठकर सबसे पहले घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद खुद भी स्नान आदि कर पवित्र होकर पूजन का संकल्प लें। शाम के समय भगवान धनवंतरी की पूजा के लिए उनकी तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें. साथ ही माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। फिर जल लेकर तीन बार आचमन करें और सभी प्रतिमाओं पर जल छिड़कें। भगवान का टीका करें और वस्त्र अर्पित करें। भगवान के मंत्रो का जाप करते हुए उन्हें प्रणाम करें और भगवान को पुष्प अर्पित करें। साथ ही घर के लिए जो चीजें खरीदी हैं उनकी भी पूजा करें। इसके बाद भगवान को भोग अर्पित करें और घर के बाहर, दुकान आदि में तेरह दीपक जलाएं।
 
 
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