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वैदिक दर्शन रोजमर्रा के लिए अनिवार्य, बीस छात्रों को दिए गए सर्टिफिकेट
By Swadesh | Publish Date: 31/8/2019 11:27:42 AM
वैदिक दर्शन रोजमर्रा के लिए अनिवार्य, बीस छात्रों को दिए गए सर्टिफिकेट

लॉस एंजेल्स। कैलिफ़ोर्निया में 'हिंदू कम्यूनिटी इंस्टीट्यूट' ने हिंदू संस्कृति और परंपराओं के ज़रिए समाज में लोगों की रोज़मर्रा की समस्याओं से जूझने और उनके निदान खोजने की दिशा में बीस छात्रों को डिग्रियां प्रदान की। इन बीस छात्रों को लगातार 34 रविवार को चार-चार घंटों तक हिंदू संस्कृति और परम्पराओं के साथ वैदिक दर्शन पर प्रशिक्षण दिया गया।

कैलिफ़ोर्निया में मिल्पिटिस के एक सभागार में आयोजित समारोह में डेमोक्रेट सांसद आर.ओ. खन्ना तथा कैलिफ़ोर्निया स्टेट प्रतिनिधि आशा कालरा ने सर्टिफ़िकेट वितरित किए। इंस्टीट्यूट फ़ैकल्टी में भारतीय विद्वानों के अलावा यहूदी और बुद्ध मत के भी प्रशिक्षक हैं।

 
इस इंस्टीट्यूट से सर्टिफ़िकेट प्राप्त स्नातकों से उम्मीद की जा रही है कि वे प्रवासी भारतीय समुदाय में वैदिक दर्शन के आधार पर लोगों को जीवन जीने की कला से प्रेरित करेंगे। इस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष कैलाश जोशी ने कहा कि सर्टिफ़िकेट से नवाजे गए शिक्षक स्कूलों, हिंदू मंदिरों, अस्पताल, नर्सिंग होम आदि में जाएंगे और वहां लोगों को दैनिक कार्य में आने वाली समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए जीवन जीने की राह बताएंगे। इसके लिए कैंसर आदि के उन मरीज़ों को भी हिंदू संस्कृति और परम्पराओं के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था की जा रही है, जो अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। इसके लिए संस्कार परामर्श केन्द्र भी खोला जा रहा है। जोशी ने कहा कि यह इंस्टीट्यूट ग़ैर राजनैतिक है।
 
इंस्टीट्यूट के डीन (प्रशासन) गौरव रस्तोगी ने बताया कि अगले सत्र की शुरुआत अक्टूबर से होगी, जिसके लिए किसी भी विधा में स्नातक होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि धर्म जीवन जीने की राह दिखाता है और आज के समाज में धर्म की बड़ी ज़रूरत है।
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