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व्यापार युद्ध विराम को लेकर शेयर मार्केट में भारी गिरावट
By Swadesh | Publish Date: 5/12/2018 11:23:08 AM
व्यापार युद्ध विराम को लेकर शेयर मार्केट में भारी गिरावट

न्यूयॉर्क। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिन पिंग के बीच व्यापार युद्ध विराम समझौते की सफलता में कुछेक बाधाओं को लेकर मंगलवार को स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिली। 

 
डाव में 799 अंकों अर्थात 3.1 प्रतिशत की गिरावट हुई जबकि एस एंड पी 500 में 3.2 और नस्डक 3.8 प्रतिशत लुढ़क गया। एस एंड पी 500 को मार्केट वैल्यू के हिसाब से 800 अरब डॉलर की क्षति हुई है। निवेशकों की मानें तो अमेरिका-चीन के बीच 'व्यापार युद्ध' अभी खत्म नहीं हुआ है। इसका एक कारण ट्रम्प का ट्वीट बताया जा रहा, जिससे आशंकाएं गहरा गई हैं। 
 
ट्रम्प ने मंगलवार को ट्वीट किया, 'प्रेसिडेंट शी और मैं चाहते हैं, समझौता हो, और संभवतया यह होगा। लेकिन अगर नहीं हो सका तो स्मरण रहे कि वह टैरिफ मैन हैं।' निवेशकों के मन में इस तरह की भाषा को लेकर शेयर मार्केट में नकारात्मक माहौल बनता जा रहा है। स्टील और एल्यूमीनियम पर लगे सीमा शुल्क के कारण कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हुई हैं, जो चिंता का विषय है। वित्त सचिव स्टीवन मनुचिन ने वॉल स्ट्रीट के बड़े अधिकारियों की बैठक में यह स्वीकार किया था कि मार्केट में संदेह की स्थिति पैदा हो जाए, तो उथल-पुथल होती है। मार्केट में इस बात को लेकर चिंता है कि क्या वास्तव में अगले 90 दिनों में समझौता हो जाएगा। 
 
टेक शेयरों में एपल और अल्फाबेट (गूगल) में चार प्रतिशत की गिरावट हुई तो अमेजन और नेटफलिक्स शेयर पांच प्रतिशत से अधिक टूट गए। शनिवार की रात ब्यूनस आयर्स में ट्रम्प और शी के व्यापार युद्धविराम की अच्छी खबरों के बाद सोमवार को शेयर मार्केट में तेजी थी। सोमवार को डाव 288 अंक ऊपर चढ़ गया था। लेकिन जैसे ही निवेशकों को कुछेक उत्पादों पर भ्रम की खबरों का पता चला बिकवाली शुरू हो गई। 
 
इन खबरों का असर बैंकिंग सेक्टर पर भी खासा पड़ा है। ट्रेड एक्सचेंज में सन 2016 के बाद पहली बार 5.5 प्रतिशत की गिरावट हुई। छोटे बैंकों में सन ट्रस्ट बैंक के शेयर 5.8 प्रतिशत गिर गए, तो फिफ्थ थर्ड बैंक को 6.5 प्रतिशत की चोट झेलनी पड़ी। बड़े बैंकों में जे पाई मोर्गन चेज के शेयर 4.4 प्रतिशत, बैंक ऑफ अमेरिका 5.5 प्रतिशत तथा सिटी ग्रुप बैंक 4.5 प्रतिशत नीचे बंद हुए। यह स्थिति तब होती है, जब देश की इकॉनमी पर संकट आने की आशंका होती है अथवा मंदी की ओर देश बढ़ने लगता है। इसका कारण बॉन्ड के मूल्य में गिरावट, व्यापार में तनाव और गैर बैंकिंग क्षेत्र में आपाधापी बताए जा रहे हैं। सुबह एशिया में भी शेयर बाजार में काफी उथल पुथल के समाचार आ रहे हैं। एस एंड पी 500 इंडेक्स में सिडनी से लेकर शंघाई तक 3.2 प्रतिशत की गिरावट हुई।
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