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पाकिस्तान में सैन्य अदालत के कार्यकाल बढ़ाने के पक्ष में नहीं पीपीपी
By Swadesh | Publish Date: 15/1/2019 4:51:28 PM
पाकिस्तान में सैन्य अदालत के कार्यकाल बढ़ाने के पक्ष में नहीं पीपीपी

कराची। पाकिस्तान में सैन्य अदालतों का द्विवर्षीय कार्यकाल अगले मार्च महीने में समाप्त होने जा रहा है और सरकार विस्तार देने के पक्ष में है, लेकिन विपक्षी पार्टी पीपीपी इस आशय के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।

पीपीपी के एक प्रमुख नेता ने संवाददाताओं से यहां कहा कि सैन्य अदालतों का गठन एक अस्थायी व्यवस्था थी जिसकी अब जरूरत नहीं है। सीनेट के उपसभापति सलीम मंडविवालिया ने कहा कि कानून एवं व्यवस्था और अन्य परिस्थितिजन्य कारणों से दो साल पहले सैन्य अदालतों के गठन का प्रस्ताव किया गया था और इसका गठन भी हुआ। लेकिन इन दो वर्षों में स्थितियां बदल गईं हैं। 
 
उन्होंने कहा, “ अब परिस्थिति बिल्कुल बदल गई है। मैं नहीं समझता हूं कि उन्हें इसकी जरूरत है। दो साल पहले न्यायपालिका खतरे में थी और इसी वजह से सैन्य अदालतों का गठन एक वैकल्पिक व्यवस्था थी। वर्तमान परिस्थिति में हमें इसकी कोई जरूरत नहीं है। ”
 
हालांकि इस माह के शुरू में कानून मंत्रालय ने नेशनल एसेंबली की स्थायी समिति को सूचित किया था कि सैन्य अदालतों के कार्यकाल को विस्तार देने का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए संघीय मंत्रिमंडल को भेज दिया गया है।
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