मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 11 दिन में तीसरी बार बुलाई विधायक दल की बैठक
By Swadesh | Publish Date: 18/7/2019 10:42:31 AM
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 11 दिन में तीसरी बार बुलाई विधायक दल की बैठक

भोपाल। राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी के विधायक दल की बैठक बुधवार रात मुख्यमंत्री कमलनाथ के निवास पर बुलाई गई। बीते 11 दिन में यह तीसरा मौका था जब कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में विधायकों को सदन में शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश देने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। बैठक में कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक के साथ ही सपा एवं बसपा के विधायक भी मौजूद रहे।

कांग्रेस विधायक दल की पिछले 11 दिन में यह तीसरी बड़ी बैठक है, जिसमें डिनर डिप्लोमेसी भी सामने आई है। साथ ही गोवा एवं कर्नाटक के ताजा घटनाक्रम को लेकर पार्टी की पूर्व सतर्कता के रूप में भी देखा जा रहा है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकलते हुए विधि मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बैठक में विधायकों से विधानसभा सत्र के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही जरूरत हुई तो किसी भी वक्त फ्लोर टेस्ट के लिए भी तैयारी करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि यह विधायकों से मेलजोल की एक सामान्य प्रक्रिया है, जबकि पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान हर सप्ताह कांग्रेस एवं उनके समर्थक विधायक दलों की बैठक निरंतर होती रहेगी और सदन में विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर पूरे तथ्यों के साथ जवाब देने की तैयारी करने को विधायकों से कहा जा रहा है।
इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पहली बार चुनकर आए विधायकों को विधानसभा की हर कार्यवाही में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा है। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री को निर्देशित किया वे बजट पर चर्चा के अलावा अन्य विषयों को विधानसभा में प्रस्तुत करने में पहली बार चुनकर आए विधायकों को प्राथमिकता दें।
 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमें पिछले 15 साल के बदतर हालात को अगले पांच साल में ठीक करना है। इसमें सभी विधायकों की सक्रिय भूमिका और उनका योगदान जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में प्रदेश के किसानों, नौजवानों और महिलाओं के क्या हालात रहें हैं, इनसे आप परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे सतत् संवाद और सम्पर्क को मजबूत बनाने के साथ उनके मध्यप्रदेश के बेहतर भविष्य निर्माण के संबंध में जो भी सुझाव और योजनाएं हैं उन्हें भी दें ताकि सरकार उसपर आगे कदम बढ़ा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पांच सालों में हर विधायक अपने-अपने क्षेत्र की अपेक्षाओं और लोगों की आशाओं को पूरा करने के लिए समर्पित होकर काम करें।
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