मध्य प्रदेश
नदियों को छलनी कर रातभर होता है रेत चोरी का खेल
By Swadesh | Publish Date: 19/7/2019 3:59:28 PM
नदियों को छलनी कर रातभर होता है रेत चोरी का खेल

अनूपपुर। बारिश के साथ ही खनन माफिया ने रेत चोरी को लेकर बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा है। नगर की जीवनदाियनी केवई नदी से रेत चोरी का सिलसिला जारी है। दिन रात नदी में खनन हो रहा है। साथ ही जगह-जगह रेत का अवैध भंडारण किया जा रहा है।

 
माफिया द्वारा बड़ी मात्रा में केवई नदी रेत निकाली जा रही है। एक ओर रात-दिन धडल्ले से रेत चोरी का खेल जारी है। बावजूद इसके कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिससे अधिकारियो की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। रेत ठेकेदार ने तो जंगल को भी नहीं छोड़ा और वन विभाग से सेटिंग कर सैकडों ट्राली रेत जमा कर दी।
 
केवई नदी किनारे वन भूमि कक्ष 464 कल्याणपुर के जंगल मे बारिश पूर्व रेत कारोबारी अशोक त्रिपाठी द्वारा सैकड़ों ट्राली रेत का अवैध भंडारण किया गया था, जिसे बाजार मे 2500 से 3000 के महंगे दामों पर बेचा जा रहा था। मीडिया के द्वारा मामला सामने लाने पर सीसीएफ द्वारा प्रभारी अधिकारी सहित फारेस्टर एंव बीटगार्ड को निलंबित करते हुए लाखों रुपये की रेत जब्त कराते हुए ठेकेदार के खिलाफ वन अपराध दर्ज कराया।

यहां होता है अवैध खनन
नगर के समीप चंगेरी घाट, जमुडी घाट, पैरीचूआ बमूर घाट, कटकोना घाट, बिछली घाट, पकारिया नाला, झुरही नाला, पथरौडी घाट, सन्यासी घाट सहित ग्रामीण क्षेत्रो से बडे पैमाने पर अवैध रेत का खनन हो रहा है। सूत्रो के अनुसार इमली घाट मे प्रतिदिन 2 दर्जन से ज्यादा टै्रक्टरो के माध्यम से केवई को छलनी करने पर माफिया अमादा है उक्त रेत चोरी का काला खेल पूरी रात चलता है जहां पुलिस गश्त भी होती है।
 
इस संबंध में कोतमा के एसडीओपी एसएन प्रसाद का कहना कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। स्वयं गश्त कर खनन कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही कर रहे हैं। वहीं, डीएफओ जेएस भार्गव का कहना है कि रेत के अवैध भंडारण मामले में दोषियों पर कार्यवाही कर जांच की जा रही है।
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