मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश में आफत बनी बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलें होने लगीं खराब
By Swadesh | Publish Date: 12/9/2019 2:53:42 PM
मध्यप्रदेश में आफत बनी बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलें होने लगीं खराब

भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। प्रदेश में एक साथ कई सिस्टम सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से राजधानी भोपाल समेत अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है, जिसके चलते प्रदेश के सभी नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह बाढ़ के हालात बने हुए हैं। खेत भी कई दिनों से जलमग्न हैं और फसलें खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। इधर, मौसम विभाग ने आगामी 15 सितम्बर तक प्रदेशभर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 
 
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गुरुवार को सुबह से ही तेज बारिश हो रही है, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश बाधों के गैट खोल दिये गये हैं, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों में पानी घुस गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान पर पहुंच गया है। पिछले तीन दिन से हो रही लगातार बारिश से प्रदेशभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रायसेन, मंडला, जबलपुर आदि जिले में बरगी, बारना आदि डैम के आठ गेट दो दिन से खुले हुए हैं। बारना नदी के बाढ़ के हालात हैं और कई गांव टापू बन गए हैं। नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने से सडक़ मार्ग पूरी तरह बंद है। मंडला का जबलपुर और अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। कई स्थानों पर होमगार्ड के जवान तैनात हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। डिंडौरी और सिवनी वाले रास्ते भी बारिश के चलते बंद हो गए हैं।
 
प्रदेश के अधिकांश जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण छोटे-बड़े नदी-नालों ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसके कारण सागर-भोपाल मार्ग पर भी पूरी तरह बंद है। सिलवानी की नदी में उफान आ गया है और पग्नेश्वर पुल से करीब 20 फीट पानी ऊपर से बह रहा है। उदयपुरा का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। नदी-नाले उफान पर आने के साथ ही जन-जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। ओंकारेश्वर में नर्मदा के सभी घाट 15 दिन से जलमग्न हैं। बाढ़ के चलते ओंकारेश्वर में तीर्थयात्रियों की संख्या भी नगणन्य है। ओंकारेश्वर बांध के 18 रेडियल गेट खोलकर 24 हजार क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। लगातार बारिश के चलते खेतों में कई दिनों से पानी भरा हुआ है, जिससे कई इलाकों में सोयाबीन, धान और कपास की फसलें खराब होने लगी हैं।
 
इधर, मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में चार मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। इसी के चलते विभाग ने आगामी 48 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 34 जिलों में अलर्ट जारी किया है। भोपाल मौसम केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरआर त्रिपाठी के अनुसार एक साथ चार सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश के कई स्थानों पर रुक-रुक कर बरसात होने का सिलसिला जारी रहेगा। 
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