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मध्य प्रदेश पुलिस का दावा, ऐसे मारा गया दुर्दांत बबली कोल
By Swadesh | Publish Date: 16/9/2019 5:31:44 PM
मध्य प्रदेश पुलिस का दावा, ऐसे मारा गया दुर्दांत बबली कोल

चित्रकूट। विंध्य पर्वत श्रृंखला के मध्य स्थित चित्रकूट जिले के पाठा क्षेत्र में एक बार फिर से आतंक पर विराम लग गया है। आतंक का पर्याय बन चुके सात लाख के इनामी दस्यु बबुली कोल व गैंग के शार्प शूटर दो लाख के इनामी लवलेश को मध्य प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। 
 
पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन चंचल शेखर एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा क्षेत्र अविनाश शर्मा ने सोमवार को बताया कि चित्रकूट के तराई क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने दुर्दांत डकैत बबली कोल एवं लवलेश कोल पुलिस एनकाउंटर में मारे गये हैं। उन्होंने बताया कि 15 सितम्बर की रात्रि में सतना जिले के धारकुंडी व मझगवां थाना क्षेत्र के वीरान गांव से लगे लेदरी के जंगलों में दस्यु बबुली कोल गैंग के होने की खबर मिली थी। इस सूचना पर मध्य प्रदेश पुलिस ने घेराबंदी की जिसके बाद हुई मुठभेड़ में डकैत बबुली कोल और उसका साथी लवलेश कोल मारा गया।
 
पुलिस अधीक्षक सतना रियाज इकबाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतना गौतम सोलंकी, थाना प्रभारी चित्रकूट संतोष तिवारी आदि के नेतृत्व में पुलिस फोर्स द्वारा सर्चिंग की गई। जिसमें जंगल में दो डकैत मृत पाए गये तथा उनके पास से दो बंदूके खाने-पीने का सामान तथा राजश्री गुटका के पाउच पाये गये। दोनों बदमाशों की तस्दीक करने पर पाया गया कि एक डकैत इसमें कुख्यात इनामी बबुली कोल तथा दूसरा बदमाश लवलेश कोल है। पुलिस महानिरीक्षक रीवा चंचल शेखर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा अविनाश शर्मा ने बताया कि दोनों दुर्दांत डकैतों पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य मिलाकर कुल 100 से भी अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। 
 
सात लाख का था इनाम
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि दुर्दांत डकैत बबुली कोल के ऊपर सात लाख रुपये का इनाम घोषित था। एक माह पूर्व दस्यु बबली कोल गिरोह ने उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से सटे धारकुंडी थाना क्षेत्र के हरसेड़ गांव से किसान का अपहरण कर लाखों रुपए की फिरौती वसूली की थी। इसके अलावा बबुली कोल गिरोह सरकारी निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को धमकी देकर उगाही करता था तथा निर्माण कार्य में बाधा डालते थे। बबुली कोल गिरोह आस-पास के गांव में सभी औरतों एवं बच्चियों पर बुरी नजर रखता था जिससे महिलाएं एवं बच्चियां अपने आपको काफी असुरक्षित महसूस कर रही थी। 
 
दहशत में ग्रामीण नहीं करते थे रिपोर्ट
पुलिस उप महानिरीक्षक ने बताया कि गैंग की दहशत के कारण कोई भी ग्रामीण जन रिपोर्ट करने सामने नहीं आते थे। बबुली कोल गिरोह के द्वारा लगातार अबोध ग्रामीणों पर अत्याचार किया जा रहा था। मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की पुलिस लगातार लिस्टेड डकैत बबली गैंग की धरपकड़ हेतु प्रयास भी किए जा रहे थे। बबुली कोल गिरोह द्वारा ग्रामीणों को पकड़कर उनके घर वालों द्वारा पैसे की मांग की जाती थी जिससे पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में आतंक का माहौल था। दोनों राज्यों की पुलिस की कई टीमें बहुत बबुली कोल के खात्मे के लिए जंगल में उतरी हुई थी। अंततः मध्य प्रदेश के सतना पुलिस टीम को यह कामयाबी हासिल हुई। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन चंचल शेखर ने बताया कि चित्रकूट के तराई क्षेत्र में डकैतों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। जिससे फिर होई नया गैंग न पनप सके। जनता की जान-माल की सुरक्षा के लिए रीवा जोन की पुलिस संकल्पित है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में सदैव जनता का सहयोग लेकर कार्य करती रहेगी।
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