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भोपाल में लगे 'दिग्विजय के लिए मंदिर के दरवाजे बंद हो' के पोस्टर
By Swadesh | Publish Date: 19/9/2019 12:48:10 PM
भोपाल में लगे 'दिग्विजय के लिए मंदिर के दरवाजे बंद हो' के पोस्टर

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के अमर्यादित बयान को लेकर प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब उनके खिलाफ पोस्टर वार शुरू हो गया है। गुरुवार को भोपाल के कई मंदिरों से बाहर दिग्विजय सिंह के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा हुआ है कि उन्हें मंदिरों में प्रवेश नहीं करने दिया जाए। 
 
इससे पहले बुधवार को शिवराज सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने कहा था कि जाकिर नायक को शांति दूत बनाने वाले दिग्विजय शुरू से हिंदू धर्म के विरोधी हैं। भगवा को आतंकवाद कहकर देशभर में बदनाम करने वाले दिग्विजय सिंह ही है। उन्हें किसी भी मंदिर में प्रवेश पर रोक होनी चाहिए। इन पोस्टरों को अब भाजपा से जोडक़र देखा जा रहा है। हालांकि इस मामले में भाजपा की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कमलनाथ सरकार दिग्विजय सिंह का बचाव करते नजर आ रही है।
 
इस मामले में सहकारिता मंत्री गोविन्द सिंह ने कहा है कि दिग्विजय सिंह से बड़ा कोई धार्मिक रीति रिवाजों को मानने वाला व्यक्ति मध्यप्रदेश में नहीं है। कुछ दिन पहले ही दिग्विजय ने गोवर्धन पर्वत की पैदल परिक्रमा की थी। मां नर्मदा की परिक्रमा भी उन्होंने पैदल की। मंत्री ने इस मामले में भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिन्दू विरोधी प्रमाण पत्र देने का ठेका भाजपा ने ले रखा है। वह हिन्दुओं के नाम पर राजनीति करती है। दिग्विजय ने जो बयान दिया वह सबके लिए नहीं दिया।
 
उल्लेखनीय है कि बीते मंगलवार को भोपाल में आयोजित संत समागम में दिग्विजय सिंह ने कहा था कि भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं। लोग भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार कर रहे हैं। मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। उन्होंने पूछा था कि क्या यही हमारा धर्म है। जिन्होंने हमारे सनातन धर्म को बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर भी माफ नहीं करेगा। इस बयान को लेकर बीते दो दिनों से दिग्विजय सिंह मीडिया की सुर्खियों में छाए हुए हैं और उनके इस बयान की सभी लोग निंदा कर रहे हैं। यहां तक कई संतों ने इसे शर्मनाक बताया था। बुधवार को देर रात भोपाल में दिग्विजय सिंह के विरोध में कई मंदिरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं, जिनमें दिग्विजय सिंह को मंदिरों में प्रवेश नहीं देने का जिक्र किया गया है। 
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