मध्य प्रदेश
एक भारत, श्रेष्ठ भारत संस्कृति महोत्सव का आज से होगा शुभारंभ....
By Swadesh | Publish Date: 14/10/2019 1:23:24 PM
एक भारत, श्रेष्ठ भारत संस्कृति महोत्सव का आज से होगा शुभारंभ....

-शाम को राज्यपाल करेंगे दसवें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का उद्घाटन करेंगे 
 
जबलपुर।  मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन सोमवार को केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  प्रह्लाद सिंह पटेल की उपस्थिति में जबलपुर नगर के गोल बाजार स्थित महाकौशल शहीद ट्रस्ट में सायं छह बजे दसवें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। 
 
इस दौरान पार्श्वगायक सुरेश वाडेकर, पंडित विश्व मोहन भट्ट, जयपुर के साबरी बंधु, शोभना नारायण, रूप कुमार एवं सोनाली राठौर, सरोजा वैद्यनाथन, विक्कु विनायक राम, डॉ. सतिन्दर सरताज, अनुराधा पाल, गीता महालिक, रोनू मजूमदार, प्रीति पटेल, मालिनी अवस्थी, तनुश्री शंकर एवं अनुराधा पौडवाल जैसे विख्यात कलाकार एवं अन्य कई इस महोत्सव का हिस्सा होंगे। 
 
इस आयोजन में माटी के लाल विषय वस्तु के तहत स्थानीय कलाकारों को भी प्रमुख स्टेज पर अपनी कलाएं प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2019 के तहत यहां असम, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, गोवा, तमिलनाडु, मणिपुर, केरल, जम्मू-कश्मीर, लेह, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब एवं पश्चिम बंगाल इत्यादि जैसे राज्यों, संघ शासित प्रदेशों के कलाकारों सहित विभिन्न क्षेत्र एवं विधाओं में भारतीय संस्कृति के सभी पहलुओं को प्रदर्शित करेगा। कलाकार कलाओं के प्रदर्शन, लोक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प एवं पाक-प्रणाली के जरिए भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे।
 
भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय 14 से 21 अक्तूबर  तक मध्यप्रदेश में एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के दसवें संस्करण का आयोजन कर रहा है। इसमें कि केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, मध्य प्रदेश सरकार के सामाजिक कल्याण एवं जनजातीय मामले मंत्री लखन घंघोरिया, जबलपुर के सांसद (लोकसभा) राकेश सिंह, सांसद (राज्यसभा)  विवेक तंखा, जबलपुर की मेयर डॉ. स्वाति गोडबोले, संस्कृति मंत्रालय में सचिव  अरुण गोयल,  संस्कृति मंत्रालय में संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद सारभाई एवं क्षेत्रीय संस्कृति केन्द्रों के सभी सात निर्देशक उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहेंगे।
 
उल्लेखनीय है कि संस्कृति मंत्रालय के प्रमुख त्यौहार के रूप में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव की संकल्पना वर्ष 2015 में की गई थी। तब प्रथम राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव की भारी सफलता के बाद संस्कृति मंत्रालय ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को इसके सभी समृद्ध एवं विविध आयामों जैसे कि हस्तशिल्प, पाक-प्रणाली, चित्रकारी, वास्तुकला एवं प्रदर्शन कला- लोक कला, जनजातीय, शास्त्रीय एवं समसामयिक सभी को एक ही जगह प्रदर्शित करने के उद्देश्य से इसका आयोजन करने का फैसला किया था । उसके बाद से अभी तक इस मंत्रालय ने नौ राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सवों अर्थात दिल्ली एवं कर्नाटक में 2-2, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव पूर्वोत्तर, गुजरात, मध्यप्रदेश एवं उत्तराखण्ड का आयोजन किया है।
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