मध्य प्रदेश
मैग्नीफिसेंट एमपी....कमलनाथ बोले- आंकड़ों में मेरा विश्वास नहीं, मप्र दो साल बाद इमरजिंग प्रदेश ना रहे
By Swadesh | Publish Date: 18/10/2019 8:00:19 PM
मैग्नीफिसेंट एमपी....कमलनाथ बोले- आंकड़ों में मेरा विश्वास नहीं, मप्र दो साल बाद इमरजिंग प्रदेश ना रहे

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- नए उद्योगों को 70 फीसदी रोजगार मप्र के लोगों को देना होगा
सीमेंट, आईटी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 74 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश के 92 प्रस्ताव

इंदौर. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार सुबह ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मैग्नीफिसेंट एमपी का उद्घाटन करते हुए कहा था कि मैग्निफिसेंट एमपी कोई मेला नहीं है, ना ही सिर्फ एमओयू साइन करने के लिए रखा गया एक कार्यक्रम । यह प्रदेश के युवाओं के लिए राजगार सृजित करने का एक मंच है। वहीं शाम को समापन सत्र में मीडिया से कहा कि आंकड़ों में मेरा विश्वास नहीं है, दो साल बाद मप्र इमरजिंग प्रदेश ना रहे इस पर काम कर रहे है। नए उद्योगों को 70 फीसदी रोजगार मप्र के लोगों को देना होगा।
शुक्रवार शाम ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मैग्नीफिसेंट मप्र के समापन सत्र में मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि हमारा प्रदेश दो साल बाद इमरजिंग प्रदेश ना रहे इसका प्रयास है। सिंगल विंडो का नाम रखने से क्या होता है...काम होना चाहिए...आंकड़ों में मेरा विश्वास नहीं है। कितने एमओयू साइन हुए इस बात से मतलब नहीं मतलब इस बात से है कि कितने निवेशक तैयार हुए। दीपावली से पहले मप्र में बड़ा निवेश होगा। लीज की जमीन पर लीजधारक अपनी अन्य कंपनी भी खोल सकेगा, सब-लीज के नए नियम हमने बनाए है। मैग्नीफिसेंट एमपी लंबी प्लानिंग का नतीजा है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हर सेक्टर के लिए अलग निवेश निती होना चाहिए, अब सेक्टर के हिसाब से राउंड टेबल वार्ता की जाएगी। मैं चाहता हूं मप्र फार्मा सेक्टर का हब बने, अब इस पर काम किया जाएगा। मप्र में आर्थिक मंदी नहीं है, लेकिन देश में मंदी का सेंटिमेंट है।
इससे पहले शुक्रवार सुबह समिट का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि- आप सभी का देश के सबसे स्वच्छ शहर में स्वागत है। मध्यप्रदेश देश का टाइगर कैपिटल है। हमारा मकसद प्रदेश को उद्योगों का हब बनाना है। इंडिया इन्क्रेडिबल है, लेकिन मध्यप्रदेश क्रेडिबल है। उन्होंने उद्योगपतियों ने कहा कि हमने प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल तैयार किया है। मप्र में स्टार्टअप नीति अन्य राज्यों के मुकाबले आसान है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आप हमारे शहरों ही नहीं गांवों और कस्बों में पहुंचे और वहां निवेश करें।
शुभारंभ सत्र में सीएम के साथ विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, उद्याेगपति आदि गोदरेज, दिलीप सांघवी, संजीव पुरी, विक्रम किर्लोस्कर और एम श्रीनिवासन मौजूद रहे। 900 से ज्यादा जाने-माने उद्योगपतियों की मौजूदगी में रंगारंग प्रस्तुति के साथ इसका आगाज हुआ। इसके बाद लेजर शो के जरिए मप्र में निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। उद्योगपति मुकेश अंबानी ने वेबकास्ट के जरिए अपनी बात रखी।

इतने निवेश पर हुई बात

74 हजार करोड़ के प्रस्ताव तय, 31 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर शुरू हो चुका काम
सद्‌गुरु सीमेंट,अन्य चार प्रस्ताव 10 हजार करोड़
IT में ट्यूडिप, ब्ल्यूपर,अन्य चार 6 हजार करोड़
टेक्सटाइल में मराल, अन्य दो 6 हजार करोड़
डिफेंस में शिवपुरी के लिए प्रस्ताव 3 हजार करोड़
नेचुरल गैस में ओमान व अन्य 8 हजार करोड़
प्लास्टिक इंडस्ट्री, पैकेजिंग 2हजार करोड़
ड्रायपोर्ट का प्रस्ताव 10 हजार करोड़
रिन्युअल एनर्जी में पांच प्रस्ताव 8 हजार करोड़
फार्मा में सिपला, पीआर आदि 3 हजार करोड़
टायर में राल्सन, ब्रिजस्टोन आदि 3.5हजार करोड़
लॉजिस्टक में 3 से अधिक प्रस्ताव 12 हजार करोड़
घरेलू प्रोडेक्ट प्लांट के 3 प्रस्ताव 2 हजार करोड़
फूड प्रोसेसिंग में अमूल व अन्य 3 हजार करोड़
स्प्रिंग व माइनिंग 1400 करोड़
आईटीसी 600 करोड़
श्रीराम पिस्टन 600 करोड़
जमुना ऑटो 400 करोड़
सिंडराम पैकेजिंग 100 करोड़
एसआरएफ 1 हजार करोड़
एचईजी लिमिटेड 1200 करोड़
प्रॉक्टर एंड गेंबल 500 करोड़
विदेशी कंपनियों के यह प्रस्ताव
एवगोल (इजराइल)- 1250 करोड़ स्टेट क्राफ्ट (नार्वे)- हजार करोड़ ब्रिजस्टोन (जापान) - 400 करोड़ फिटेसा (ब्राजील)- 350 करोड़ परफार्मा(यूएसए)- 375 करोड़ सहित अन्य कई विदेशी कंपनियां।



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