मध्य प्रदेश
सिंधी व मराठी वोट साधेंगे भाजपा के शंकर
By Swadesh | Publish Date: 24/4/2019 6:10:16 PM
सिंधी व मराठी वोट साधेंगे भाजपा के शंकर

-सुमित्रा महाजन की जगह शंकर लालवानी को मिला इंदौर लोकसभा सीट से टिकट

इंदौर। इंदौर लोकसभा सीट के लिए भाजपा ने सुमित्रा महाजन की जगह इस बार शंकर लालवानी को अपना उम्मीदवार बनाया, सिंधी और मराठों वोटों को साधने का काम करेंगे। इस सीट से लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सीटिंग सांसद हैं। सुमित्रा महाजन पिछले 30 सालों से इंदौर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रही थीं, लेकिन अब उनकी विरासत संभालने का जिम्मा शंकर लालवानी को दिया गया है। हालांकि, भाजपा की राजनीतिक को समझने वाले लोग लालवानी से अपरिचित नहीं हैं।
 
सियासत में उनकी भूमिका बेहद खास रही है। 1993 से पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले शंकर लालवानी 1996 में नगर निगम चुनाव में जयरामपुर वार्ड से उम्मीदवार हुए और अपने भाई तथा कांग्रेस उम्मीदवार प्रकाश लालवानी को हराया और पार्षद बने। तीन बार लगातार पार्षद रहने के बाद भाजपा ने इंदौर नगर निगम प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी।
 
भाजपा ने इंदौर से शंकर लालवानी को टिकट देकर प्रदेशभर के सिंधी समाज को साधने की कवायद तो की ही है। इसके साथ उसकी निगाह इंदौर में साढ़े चार लाख सिंधी और मराठी मतदाताओं पर भी है। पार्टी का मानना है कि सिंधी के साथ मराठी वोट भी शंकर को मिलेगा, जो उनकी जीत की राह आसान करेगा। 
 
उल्लेखनीय है कि शंकर लालवानी आईडीए के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में वे इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार से दावेदार थे, पर पार्टी ने यहां से एक बार फिर मेयर मालिनी गौड़ पर ही भरोसा जताया था। इस विधानसभा क्षेत्र में करीब चालीस हजार सिंधी वोट हैं। भाजपा से जुड़े सूत्रों की मानें तो इंदौर लोकसभा क्षेत्र में करीब एक लाख सिंधी वोट हैं। इसके अलावा ढाई लाख के करीब वोट मराठी समाज के हैं। संघ का भी यहां तगड़ा प्रभाव है, लिहाजा संघ और उससे जुड़े अनुषांगिक संगठन भी एक लाख से अधिक वोटों पर असर रखता है। 
 
इंदौर सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार पंकज संघवी से होना है। इंदौर की सीट भाजपा के लिए खासी अहमियत रखती है। इस सीट से सुमित्रा महाजन चुनाव नहीं लड़ रही हैं। लगातार 8 लोकसभा चुनाव से यह सीट भाजपा के पाले में है। पहले यहां से कैलाश विजयवर्गीय को लड़ाने की बात चल रही थी, लेकिन पार्टी ने आखिर में शंकर लालवानी पर भरोसा जताया।
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