मध्य प्रदेश
अवैध हथियार बनाने वाले आरोपित को 3 वर्ष का सश्रम कारावास
By Swadesh | Publish Date: 26/4/2019 3:57:57 PM
अवैध हथियार बनाने वाले आरोपित को 3 वर्ष का सश्रम कारावास

खरगौन। ग्राम सिगनूर में सिकलीगर द्वारा अवैध रूप से शस्त्र बनाने वाले आरोपित को न्यायालय ने 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपित पर 1500 रुपये का अर्थदण्ड भी किया है। यह फैसला खरगोन की जेएमएफसी अदालत ने सुनाया है। प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सतीष सोलंकी ने पैरवी की।

 
जिला अभियोजन अधिकारी महेंद्र कुमावत ने शुक्रवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 30 अप्रैल 2014 को ग्राम सिगनूर में सिकलीगर द्वारा अवैध शस्त्र बनाकर बाहर बेचने की सूचना मिली थी, जिस पर थाना गोगावां पुलिस, एसडीओपी भीकनगांव व थाना प्रभारी भीकनगांव बल के साथ मौके पर पहुंचे, तो सिकलीगर पेड़ों के नीचे हाथ भट्टी लगाकर अवैध हथियार बना रहा था। पुलिस को देख सिकलीगर भागने लगा, तो उसे घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम सुल्तानसिंह पिता अभयसिंह निवासी सिगनूर बताया। उसके पास से अद्र्ध निर्मित पिस्टल, पिस्टल और पुर्जे व अवैध हथियार बनाने की सामग्री जब्त की गई। 
 
आरोपित के विरूद्ध थाना गोगावां पर अपराध पंजीबद्ध कर आवश्यक अनुसंधान पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण पश्चात आरोपित सुल्तानसिंह को दोषी पाते हुए जेएमएफसी द्वारा धारा 25(1) (ए) आम्र्स एक्ट में 3 वर्ष के सश्रम कारावास व एक हजार रुपये के अर्थदंड एवं धारा 25(1)(बी)(ए) आम्र्स एक्ट में एक वर्ष के सश्रम कारावास व 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 
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