मध्य प्रदेश
एक्जिट पोल झूठे, कांग्रेस को पुण्य प्रसून वाजपेयी पर भरोसा
By Swadesh | Publish Date: 20/5/2019 6:41:29 PM
एक्जिट पोल झूठे, कांग्रेस को पुण्य प्रसून वाजपेयी पर भरोसा

भोपाल। एक्जिट पोल के नतीजे रविवार शाम से आना शुरू हो गए थे, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर चल पड़ा है। इन नतीजों को लेकर भाजपा के खेमे में जहां उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ एक्जिट पोल से ही पल्ला झाड़ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के एक ट्वीट ने पार्टी की स्थिति को और हास्यास्पद बना दिया। प्रदेश कांग्रेस ने पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी के एक विश्लेषण को शेयर किया है, जिसमें कांग्रेस को एक्जिट पोल से कुछ ज्यादा और भाजपा, एनडीए को काफी कम सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। लोकसभा चुनाव के बारे में एक्जिट पोल के नतीजे आने के बाद से ही नेताओं की प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के नेता जहां इन नतीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों की दीवानगी बता रहे हैं, तो कांग्रेस इन नतीजों को ही अविश्वसनीय बता रही है। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को ट्वीट किया है, “हमने सारे #ExitPolls 2004 में भी देखे थे, 2018 के पाँच राज्यों के चुनाव के समय भी देखे थे, सब कांग्रेस की हार दिखा रहे थे, परन्तु परिणाम सभी ने देखे.. 23 मई का इंतजार करिये, सारी हक़ीकत सामने आ जाएगी। कांग्रेस की सीटें निश्चित ही बढ़ेगी, भाजपा के नारों-जुमलों की हक़ीकत भी सामने आयेगी।” कांग्रेस पार्टी के अधिकृत ट्विटर हैंडल पर किए गए एक ट्वीट ने पार्टी मुख्यमंत्री कमलनाथ और पार्टी की स्थिति को हास्यास्पद बना दिया है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी का एक विश्लेषण शेयर किया गया है, जिसमें भाजपा को कुछ कम और कांग्रेस को कुछ ज्यादा सीटें मिल रही हैं। पार्टी ने ट्वीट किया है, “वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी जी का लोकसभा सीटों का विश्लेषण: बीजेपी: 145-152, कांग्रेस: 100+, गठबंधन (सपा+बसपा): 50+, टीएमसी: 35+, डीएमके: 35+, बीजेडी: 18+, 23 मई भाजपा गई..! 
 
एक्जिट पोल पर अविश्वास और एक पत्रकार के विश्लेषण पर विश्वास करने के पार्टी के इस दोहरे रवैये को लेकर प्रदेश कांग्रेस अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रही है। पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता संगीता शर्मा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने कभी भी एक्जिट पोल के नतीजों को तवज्जो नहीं दी है, न ही उन पर विश्वास किया है, क्योंकि ये बाद में गलत साबित होते हैं। पार्टी द्वारा ट्वीट किए गए पुण्य प्रसून वाजपेयी के विश्लेषण के बारे में उन्होंने अनभिज्ञता जताई है। 
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