मध्य प्रदेश
भोपाल में कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे सिंधिया को राष्ट्रीय नेतृत्व देने की अपील के पोस्टर.
By Swadesh | Publish Date: 8/7/2019 1:50:04 PM
भोपाल में कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे सिंधिया को राष्ट्रीय नेतृत्व देने की अपील के पोस्टर.

भोपाल। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफा देने के बाद पार्टी पदाधिकारियों में भी इस्तीफा देने की होड़ लगी हुई है। मध्यप्रदेश में भी संगठन में बदलाव की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी त्याग पत्र देकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली। 

इसी बीच सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग भी उठती रही है, लेकिन अब उन्हें पार्टी में राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपने की मांग उठ गई है। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर सोमवार को कार्यकर्ताओं द्वारा पोस्टर लगा दिये गये हैं, जिनमें राहुल गांधी से अपील की गई है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनकी कार्यशैली के अनुरूप राष्ट्रीय नेतृत्व दिया जाए।
 
उल्लेखनीय है कि गत दिनों राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में मिली हार को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी। 
 
कार्यकर्ता उन्हें काफी पहले से ही प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे थे और राज्य के कई मंत्रियों ने इस मांग का समर्थन किया था। अब भोपाल में कांग्रेस कार्यालय के बाहर सिंधिया को राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपने के लिए पोस्टर लगाए गए हैं। इस पोस्टर में राहुल गांधी से अपील की गई है कि सिंधिया को उनकी कार्यशैली के अनुरूप राष्ट्रीय नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जाए। 
 
इससे पहले कांग्रेस में जारी इस्तीफों के दौर के बीच सिंधिया ने भी रविवार को अपने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के बाद सिंधिया ने कहा था कि  उन्हें इस जिम्मेदारी को देने और अपनी पार्टी की सेवा करने का मौका देने के लिए वह राहुल गांधी को धन्यवाद देते हैं।  
 
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सात महीने पहले हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया और 15 साल बाद सत्ता हासिल की। इस जीत में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ सिंधिया की भूमिका भी अहम रही है, लेकिन लोकसभा चुनाव में मिली हार ने कांग्रेस को बैकफुट पर पहुंचा पर दिया और पार्टी में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया। 
 
मध्यप्रदेश में कांग्रेस गुटों में बंटी नजर आ रही है। एक गुट सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहा है, जिसमें कुछ मंत्री भी शामिल हैं, तो अब उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपने की मांग भी सामने आ गई है।
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