मध्य प्रदेश
भोपाल कलेक्टर की अनूठी पहल, सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे अधिकारी
By Swadesh | Publish Date: 8/7/2019 5:25:19 PM
भोपाल कलेक्टर की अनूठी पहल, सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे अधिकारी

भोपाल। भोपाल कलेक्टर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत अब प्रशासनिक अधिकारी बच्चों को पढ़ाएंगे। सोमवार से इसकी शुरुआत भी हो गई है। कलेक्टर तरुण पिथौड़े सोमवार को सुबह भोपाल स्थित नवीन अरेरा हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे और वहां उन्होंने बच्चों की क्लास ली। अन्य अधिकारियों ने भी शहर के स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाया।

कलेक्टर पिथौड़े सोमवार को सुबह नवीन अरेरा हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे। स्कूल में उन्होंने कक्षा दसवीं के बच्चों की क्लास ली। बच्चे कलेक्टर को अपने बीच पाकर काफी खुश हुए और तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि आप क्या बनना चाहते हैं? इस पर किसी ने डॉक्टर, किसी ने सैनिक तो किसी ने कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। कलेक्टर ने पूछा कि आप लोगों को कौन से विषय कठिन लगते हैं। इस पर बच्चों ने गणित, अंग्रेजी और विज्ञान को सबसे कठिन विषय बताया। फिर कलेक्टर ने तीनों विषयों को पढऩे के लिए बच्चों को न केवल टिप्स दिये, बल्कि उन्हें तीनों विषयों का अध्यापन भी कराया।
 
कलेक्टर तरुण पिथौड़े की पहल पर अन्य अधिकारी भी स्कूलों में पढ़ाने के लिए पहुंचे। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी माला श्रीवास्तव सोमवार को ओल्ड कैंपियन स्कूल में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों से पूछा कि भारत के राष्ट्रपति का नाम क्या है, तो क्लास में बैठा एक भी बच्चा इसका जवाब नहीं दे पाया। इस पर माला श्रीवास्तव ने बच्चों को रोज अखबार पढ़ने की सलाह दी। 
 
उन्होंने बच्चों को बताया कि किताबी ज्ञान के अलावा देश-दुनिया में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी भी आप लोगों को होना चाहिए। इसके लिए अखबार पढ़ना चाहिए, ताकि देश-दुनिया में घट रही घटनाओं की जानकारी हो सके और इससे सामान्य ज्ञान भी मजबूत होगा। इसके बाद उन्होंने बच्चों से बेझिझक अंग्रेजी बोलने को कहा, तो बच्चे इसमें भी असफल रहे। माला श्रीवास्तव ने अंग्रेजी की पढ़ाई कराई और बच्चों को उसकी उपयोगिता की जानकारी दी। इसी प्रकार कई अधिकारियों ने सोमवार को सरकारी स्कूलों में जाकर बच्चों की क्लास ली।
 
इस संबंध में जब भोपाल कलेक्टर तरुण पिथौड़े से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए इस अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। सरकारी अधिकारी अपने कामकाज से कुछ समय निकालकर स्कूलों में बढ़ाएंगे और उन्हें प्रतियोगिता परीक्षाओं की जानकारी देंगे, जिससे बच्चे भी लगन और मेहनत से पढ़ाई करेंगे। इससे सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम सुधारेगा।
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