मध्य प्रदेश
दस्तक अभियान के दौरान कोई भी बच्चा पोषण सेवाओं से न रहे वंचित : कलेक्‍टर
By Swadesh | Publish Date: 5/12/2018 5:43:33 PM
दस्तक अभियान के दौरान कोई भी बच्चा पोषण सेवाओं से न रहे वंचित : कलेक्‍टर

रायसेन । जिले में 17 दिसम्बर से 31 जनवरी 2019 तक आयोजित किये जाने वाले दस्तक अभियान के द्वितीय चरण के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन करना है ताकि बाल मृत्यु दर में वांछित कमी लाई जा सके। 

उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर दस्तक के दौरान यह सुनिश्चित करें कि 5 वर्ष तक की आयु का कोई भी बच्चा स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया जाये। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अमनवीर सिंह बैस, सीएमएचओ डॉ दिलीप कटेलिया सहित चिकित्सक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। 
 
बैठक में जानकारी दी गई कि अभियान के तहत एएनएम, आशा एवं ऑगनवाड़ी कार्यकर्ता के संयुक्त दल द्वारा पॉच वर्ष से छोटे बच्चों वाले परिवारों में घर तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की दस्तक दी जाकर बच्चों में होने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जायेगा। इससे 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख्य बाल्यकालीन बीमारियों की समुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन ताकि बाल मृत्यु दर में वांछित कमी लाई जा सकती है। दस्तक अभियान के तहत बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान प्रबंधन एवं रेफरल, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान प्रबंधन एवं रेफरल, 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचार रेफरल एवं प्रबंधन तथा 6 माह से पॉच वर्ष तक के बच्चों में गंभीर निमोनिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन किया जायेगा। 
 
इसी प्रकार 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग के नियंत्रण के लिए ओआरएस एवं जीन्क के उपयोग संबंधी समुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्येक घर में गृह भेट के दौरान ओआरएस पहुँचाना, 9 माह से पॉच वर्ष के समस्त बच्चों को विटामिन ए अनुपूरण, बच्चों मे दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों की पहचान समुचित शिशु एवं बाल आहार पूर्ति संबंधी समझाईश समुदाय को देना, एसएनसीयू एवं एनआरसी में छुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फालोअप से प्रोत्साहन, गृह भेट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छूटे हुये बच्चों की टीकाकरण की स्थिति की जानकारी देने सहित अन्य गतिविधियां की जायेंगी।
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