मध्य प्रदेश
कलेक्टर ने की फसल ऋण माफी योजना की समीक्षा, बैंकर्स को दिए निर्देश
By Swadesh | Publish Date: 11/1/2019 6:09:55 PM
कलेक्टर ने की फसल ऋण माफी योजना की समीक्षा, बैंकर्स को दिए निर्देश

झाबुआ। कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने शुक्रवार को बैंकर्स और अधिकारियों की बैठक लेकर मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बैंकर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ जमुना भिडे सहित राष्ट्रीय एवं सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं शासकीय सेवक उपस्थित थे।

 
कलेक्टर सिपाहा ने बैंकर्स को निर्देशित किया कि 15 जनवरी तक आधार सीडिंग का कार्य सभी बैंक प्रबंधक करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों से कहा कि आधार सीडिंग का कार्य शत प्रतिशत हो, इसके लिए प्रत्येक बैंक शाखा के बाहर एक बोर्ड लगाकर प्रचार प्रसार करें कि यहां आधार सीडिंग का कार्य किया जा रहा है, साथ ही आवश्यक जानकारी भी चस्पा करें जिससे कृषकों को परेशानी ना हो। आधार सीडिंग का कार्य प्रतिदिन अभिप्रमाणन कराना शुरू करें एवं रिकार्ड में दर्ज करना भी सुनिश्चित करें। आधार सीडिंग की प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए डाटा एन्ट्री का परीक्षण एवं सत्यापन भी सुनिश्चित करें यदि कोई कमी है तो तुरंत सुधार करें। शाखा में आने वाले कृषकों की यदि कोई समस्या है तो उसको नोट करें जिससे कि उसका निराकरण किया जा सके। 15 जनवरी से किसानों से ऋण माफी के लिए आवेदन लिए जायेंगे। इस संबंध में सभी कृषकों को जानकारी देना सुनिश्चित करें।
 
कलेक्टर ने बैठक में बताया कि जिला एवं पंचायत स्तर पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति आवेदन प्राप्त करने के लिए की जायेगी। आवेदन लेने के पश्चात वह पावती देना भी सुनिश्चित करें। 22 फरवरी से किसानो की कर्जमाफी की कार्यवाही प्रारंभ कर ऋण माफी प्रमाण-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। 26 जनवरी को पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर आवेदक कृषकों की सूची का वाचन किया जायेगा। 27 जनवरी से 05 फरवरी तक हरे एवं सफेद कागज पर आवेदनों की सूची के जिन कृषकों ने आवेदन नहीं दिया है, उन कृषकों से पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा आवेदन लेकर आधार सीडिंग का कार्य किया जायेगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को फसल ऋण माफी योजना का कार्य पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करने को कहा।
 
मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना में तीन रंग के होंगे आवेदन पत्र
मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना में किसानों को पात्रतानुसार हरे, सफेद और गुलाबी रंग के आवेदन पत्र संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे। शासन से जारी नियमानुसार ऋणी कृषकों की सूची प्रकाशन के बाद आधार सीडेड सूची (हरी सूची) के किसानों को हरे रंग के आवेदन पत्र तथा गैर-आधार सीडेड सूची (सफेद सूची) के किसानों का सफेद रंग के आवेदन पत्र जमा करने होंगे। हरी अथवा सफेद सूची में दर्शित जानकारी पर आपत्ति अथवा दावा प्रस्तुत करने का अधिकार किसान को दिया गया है। इसके लिये किसान को गुलाबी आवेदन करना होगा।
 
गुलाबी आवेदन पत्र में होंगे दो भाग
गुलाबी आवेदन पत्र में भाग एक केवल उन किसानों को भरना होगा, जिनका नाम बैंक द्वारा प्रदर्शित सूची में दर्ज नहीं है। भाग दो केवल उन किसानों को भरना होगा, जिनके संबंध में बैंक द्वारा प्रदर्शित जानकारी त्रुटिपूर्ण है।

कृषक बैंक खाते 15 जनवरी तक आधार नम्बर से जुड़वा ले
राज्य सरकार द्वारा फसल ऋणमाफी योजना स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्ट्रीयकृत बैंक से फसल ऋण लेने वाले किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये की सीमा तक पात्रतानुसार लाभ दिया जाएगा। वे सभी किसान, जो 31 मार्च, 2018 की स्थिति में नियमित ऋण खाते में ऋण प्रदाता संस्था द्वारा प्रदाय फसल ऋण की बकाया राशि के रूप में दर्ज हैं तथा जिन किसानों पर 31 मार्च, 2018 में रेग्युलर आउटस्टेंडिंग लोन था और 12 दिसम्बर, 2018 तक जिन्होंने पूर्णत: अथवा आंशिक रूप से लोन चुका दिया है, उन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा।
 
इस योजना के तहत उन किसानों को ऋण माफी का लाभ प्राथमिकता से दिया जायेगा, जिनके बैंक खाते, आधार कार्ड से जुड़े हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे हर हाल में अपने बैंक खाते 15 जनवरी तक आधार नम्बर से जुड़वा लें। इस योजना के तहत चिन्हित कर उनकी सूची इस माह में ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा कर दी जायेगी। सूची प्रकाशन के बाद आधारकार्ड सीडेड किसानों सें हरे रंग के आवेदन पत्र तथा गैर-आधारकार्ड सीडेड किसानों से सफेद रंग के आवेदन पत्र ग्राम पंचायत में सूची चस्पा होने के बाद ग्राम पंचायत कार्यालय में ऑफ-लाईन प्राप्त किए जाएंगे। प्रत्येक ऑफ लाईन आवेदन पत्र जमा करने की रसीद ग्राम पंचायत या संबंधित नगरीय निकाय द्वारा आवेदक को दी जाएगी। 
 
ऋण माफी हेतु वर्तमान/भूतपूर्व सांसद, विधायक, अध्यक्ष मंडल, आयोग, रिटायर्ड शासकीय सेवक जिसे 15 हजार से अधिक पेंशन मिलती हो, पात्र नहीं होंगे। उक्त शर्तो से भूतपूर्व सैनिकों को छूट रहेगी। के.सी.सी धारी किसान आधार सीडिंग अवश्य करवा लें। आधार सीडिंग नहीं होने की स्थिति में किसान को ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
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