मध्य प्रदेश
माकपा ने भाजपा पर लगाया सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप
By Swadesh | Publish Date: 5/2/2019 6:09:17 PM
माकपा ने भाजपा पर लगाया सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप

भोपाल। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मध्य प्रदेश राज्य समिति की बैठक मंगलवार को भोपाल में हुई। माकपा पोलिट ब्यूरो की सदस्य सुभाषिणी अली और संध्या शैली की मौजूदगी में हुई इस पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने भाजपा पर निशाना साधते हुए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के आरोप लगाए। 

माकपा राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बताया कि बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में हार के बाद से भाजपा नेता लगातार साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं। 
 
राजगढ़ के खुजनेर कस्बे में गणतंत्र दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक में प्रस्तुति को लेकर हुए विवाद को भाजपा ने साम्प्रदायिक विवाद बना दिया था। शिवराज सिंह चौहान ने भी दौरा कर सिर्फ एक समुदाय के लोगों से मुलाकात की और विवाद को हवा दी। प्रशासन की ओर से भी एक तरफा कार्यवाही हुई। बहुसंख्यक समुदाय के युवकों पर मारपीट आदि के मुकदमे दर्ज हुए, जबकि अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों पर देशद्रोह के भी मुकदमे दर्ज किए हैं। 
 
उन्होंने बैठक में राजनीतिक सांगठनिक रिपोर्ट रखते हुए यह बताया कि खुजनेर कस्बे के आसपास के करीब 40 गांवों में बहुसंख्यक समुदाय के लोग पंचनामा बनाकर पुलिस को दे रहे हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय का कोई व्यक्ति कोई काम करने या सब्जी इत्यादि बेचने के लिए गांव में प्रवेश न करे। गांव के स्तर पर यह विभाजन बेहद खतरनाक है, मगर राज्य सरकार की ओर से भी अपराधी तत्वों के खिलाफ दृढ़तापूर्वक कार्यवाही नहीं हो रही है। इसके अलावा भोपाल में भी भाजपा की ओर से स्लाटर हाउस को लेकर साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश हो रही है। माकपा की बैठक में राज्य सरकार की कुछ घोषणाओं की समीक्षा की गई। 
 
पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के कुछ घंटे बाद ही कमलनाथ ने किसानों के दो लाख तक के सरकारी और सहकारी बैंकों के कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की। पहले इसकी कट ऑफ डेट 31 मार्च 2018 रखी गई थी। बाद में मंत्रीमंडल ने इसे 12 दिसम्बर कर दिया है। हालांकि जरूरत यह है कि सिर्फ दो लाख तक के नहीं बल्कि सारे कर्ज से मुक्ति मिलना चाहिए। किसानों पर सबसे अधिक कर्ज महाजनों और सूदखोरों का है। मुख्यमंत्री ने इसे माफ करने की भी घोषणा की है, मगर इस सम्बन्ध में कोई पहल नहीं है। राज्य सरकार ने ऋणमाफी के आवेदन जमा करने की अन्तिम तारीख पांच फरवरी निर्धारित की है। पार्टी ने मांग की है कि यह तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाये। ऋणमाफी की प्रक्रिया के दौरान सहकारी समितियों के बड़े घोटाले सामने आये हैं। 
 
मुख्यमंत्री ने ही कहा है कि यह घोटाला तीन हजार करोड़ तक का हो सकता है। घोटालों के अगुआ गिरफ्तार किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने किसानों को एक हजार रुपये पेंशन देने की बात भी कही थी। इसका आदेश भी जारी होना चाहिए। माकपा भावांतर योजना, वंदेमातरम गायन, मीसाबंदियो की पेंशन आदि पर आनन फानन निर्णय और फिर उन्हें बदलना किसी सुचिंतित नीति का अभाव बताता है।
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