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मध्य प्रदेश
प्रदेश में बिना इजाजत हड़ताल नहीं कर सकेंगे वकील
By Swadesh | Publish Date: 8/2/2019 2:55:30 PM
प्रदेश में बिना इजाजत हड़ताल नहीं कर सकेंगे वकील

भोपाल। प्रदेश के वकील अब बिना हाईकोर्ट की अनुमति के हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक मप्र स्टेट बार काउंसिल (एसबीसी), मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन तथा जिला बार एसोसिएशनों द्वारा यदि बिना इजाजत हड़ताल का आह्वान किया गया तो पदाधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। 

 
यह नोटिफिकेशन मप्र के राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। इस नोटिफिकेशन में पदाधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत 1 से 3 माह तक पैरवी के लिए रोका जा सकेगा। एडवोकेट एक्ट की धारा 34 के तहत बनाए नियम के मुताबिक राज्य स्तर पर की जाने वाली हड़ताल के आह्वान करने वाले स्टेट बार काउंसिल या मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को चीफ जस्टिस हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी। जिला स्तर पर हड़ताल के संबंध में जिला जज से अनुमति लेनी होगी।
 
इस नोटिफिकेशन के तहत एडवोकेट एक्ट 1961 के प्रावधानों में संशोधन करते हुए धारा 34 के तहत नियम बनाए गए हैं। यदि कोई हड़ताल स्टेट बार काउंसिल या बार एसोसिएशन के आह्वान पर बिना अनुमति पहली बार करता है, तो उसके पदाधिकारी एक माह तक किसी भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सकेंगे। 
 
इसके साथ ही यदि पिछली बार की गई हड़ताल के एक साल में अंदर दोबारा हड़ताल होती है, तो आह्वानकर्ता एसोसिएशन के पदाधिकारी 2 माह तक मप्र की किसी भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सकेंगे। इस मामले में जब मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदर्श मुनि त्रिवेदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह जल्द ही वकील समुदाय से चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेंगे। एसोसिएशन चीफ जस्टिस एस के सेठ से आदेश वापस लेने का भी आग्रह कर चुकी है। 
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