मध्य प्रदेश
औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती कर बढ़ाएं लाभः डॉ. ठाकुर
By Swadesh | Publish Date: 11/2/2019 3:19:44 PM
औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती कर बढ़ाएं लाभः डॉ. ठाकुर

अनूपपुर। अमरकटंक क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती के बारे में किसानों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकटंक में सोमवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को परंपरागत खेती के साथ ही इस प्रकार के पौधों की खेती कर लाभ को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में सैकड़ों स्थानीय किसानों ने भाग लिया।

 
विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तरूण कुमार ठाकुर के निर्देशन में मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड, भोपाल के सहयोग से औषधीय एवं सुगंधित पौधों का सर्वेक्षण, पहचान, संरक्षण और उन्नत खेती परियोजना संचालित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में विश्वविद्यालय के आसपास के किसानों को क्षेत्र में उपलब्ध ब्राह्मी, गुलबकावली, कामराज, वनजीरा और जंगली प्याज जैसी पौधों की खेती और इनके बाजार के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई। इनकी उन्नत किस्मों और खेती में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में किसानों को जागरूक कर परंपरागत खेती के साथ इनका समावेश करने के बारे में किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। 
 
प्रो. भूमिनाथ त्रिपाठी ने औषधीय खेती की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। प्रो. नवीन कुमार ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में उपलब्ध खेती के वैज्ञानिक ज्ञान का लाभ सभी किसानों से उठाने का आह्वान किया। कुलसचिव पी. सिलुवैनाथन ने उन्नत खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया। वित्ताधिकारी सीएमए ए. जेना ने उद्यमिता विकास और वित्तीय लाभों पर जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में शिवाजी चौधरी, परमेश सिंह मरावी, दिगवेश कुमार पटेल, रोहित कुमार जायसवाल, गौरव कुमार पड़वार आदि ने भाग लिया।
COPYRIGHT @ 2018 SWADESH. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS