मध्य प्रदेश
सीआरपीएफ का जवान बनकर शहीद की पत्नी के साथ की ठगी
By Swadesh | Publish Date: 12/2/2019 11:12:53 AM
सीआरपीएफ का जवान बनकर शहीद की पत्नी के साथ की ठगी

सीहोर। सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर एक युवक ने शहीद की विधवा पत्नी से ठगी कर साढ़े आठ लाख रुपये लूट लिए। दो स्टार लगी यूनीफार्म पहने देख शहीद ओमप्रकाश मर्दानिया की विधवा पत्नी कोमल मर्दानिया को उस ठग पर विश्वास हो गया एवं उसके कहे अनुसार बैंक से पैसे निकलवाये और ठग के हवाले कर दिये ।

 
शहीद ओम प्रकाश मर्दानिया की पत्नी कोमल मर्दानिया सोमवार को देर शाम करीब कोतवाली थाने पहुंची। जहां उन्होंने उनके साथ हुई ठगी की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
 
उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह करीब 11 बजे एक व्यक्ति सीआरपीएफ की यूनिफार्म पहन कर मेरे चाणक्यपुरी स्थित घर आया था। अपना नाम मिश्रीलाल मीणा बताते हुए उसने अपनी आईडी भी मुझे दिखाई। मिश्रीलाल का कहना था कि उनके पति के कुछ रुपए और आने है। जिसके सत्यापन के लिए उसे भेजा गया है। मेरे शहीद पति ओमप्रकाश मर्दानिया की शहादत के बाद उन्हे 35 लाख रुपये दिए जाने थे। जिसमें से साढे आठ लाख रुपये ही हमे मिले थे। इसलिए मुझे उसकी बात पर तुरंत विश्वास करना लाज़मी था । 
 
मिश्रीलाल ने कहा कि शेष बची हुई रकम किसके खाते में जमा करानी है शहीद की पत्नी के खाते में या फिर शहीद की माँ के खाते में इसकी जांच करने बाबत मुझे आपके पास भेजा गया है। तो मैंने कहा कि मेरे दो बच्चे है जिनकी देखभाल और परवरिश करने के लिए पैसा मेरे खाते में ही आना चाहिए । इस पर मिश्री लाल ने कहा कि यदि आपके खाते में बाकी बचे रुपए भेजना है तो जो रुपये आपके खाते में डाले गए थे पहले वे निकाल लें, क्योंकि अगर आपके खाते में पहले से रुपये होंगे तो फिर आपके खाते में बाकी बची रकम नहीं डाली जाएंगी।
 
यह सुन मैं अपनी बहन के पति देवेंद्र सिंह कि प्लेटिना गाड़ी लेकर मिश्रीलाल के साथ इछावर के लिए निकाल गयी जहां से मैंने खाते में जमा पैसे अपने सीहोर के एसबीआई बैंक के खाते में ट्रांसफर किए और फिर उन पैसो को कैश करवा लिया। रुपये निकलवाने के बाद मिश्रीलाल ने मुझसे कहा कि हमें वेरिफिकेशन के लिए शपथ पत्र बनवाना पड़ेगा। हम शपथ पत्र बनवाने के लिए तहसील गए। लेकिन इसी बीच मिश्री लाल ने कहा कि मेरा फोन बंद हो गया है, मुझे आपका फोन चाहिए। मैंने उसे फोन दिया। उसने मेरे फोन से किसी को फोन भी किया। 
 
इसके बाद उसने कहा कि मैं कुछ दस्तावेजों की कॉपी करवा लेता हूं। आप शपथ पत्र तैयार करवाओ। यह कह कर वह रुपये का बैग, मेरा मोबाइल और मेरी बहन के पति देवेंद्र की गाड़ी लेकर चला गया। मैंने कुछ देर तक इंतजार किया, पर वह नहीं लौटा। जब ज्यादा देर हो गई तो मैं उसे ढूंढने बाहर आई, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद मैंने उसे बैंक जा कर देखा तो वह कहीं नहीं मिला। इसके बाद मैंने अपनी बहन के पति देवेंद्र को बुलाया। हम दोनों ने भी मिश्रीलाल को ढूंढा, पर वह नहीं मिला। 
 
कोतवाली पुलिस ने फिलहाल धारा 420 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर तफ्तीश शुरू कर दी है । कोतवाली पुलिस का कहना है कि हम आरोपी को जल्द ही पकड़ने में कामयाब होंगे क्योंकि इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाश आस-पास के इलाके के ही होते हैं। 
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