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मध्य प्रदेश
देवी अहिल्या विवि शहीदों के बच्चों को देगा मुफ्त शिक्षा
By Swadesh | Publish Date: 18/2/2019 6:35:51 PM
देवी अहिल्या विवि शहीदों के बच्चों को देगा मुफ्त शिक्षा

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का देवी अहिल्या विश्वविद्यालय आगामी सत्र से शहीदों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देगा। यह निर्णय सोमवार को हुई विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक में लिया गया। वहीं, सोमवार को ही कटनी के एक स्कूल और कॉलेज प्रबंधन ने भी शहीदों के परिवार की मदद करने का फैसला किया है। वह पांच शहीदों के परिवार के बच्चों की स्कूल से लेकर कॉलेज तक की शिक्षा का खर्च उठाएगा। 

 
इंदौर में देवी अहिल्ला विश्वविद्यालय में सोमवार को कार्यपरिषद की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय द्वारा शहीदों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय भी लिया है कि देश की सेवा करने वाले सैनिक के बच्चों को एडमिशन फीस में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। 
 
बैठक में कार्यपरिषद के सदस्य आलोक डावर ने पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले को लेकर यह प्रस्ताव रखा था, जिस पर पहले तो कुलपति ने सवाल उठाये, लेकिन बाद में उसे मंजूर कर लिया गया।
 
बैठक के बाद डावर ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने प्रस्ताव रखा था कि शहीद के बच्चों को विश्वविद्यालय में मुफ्त में शिक्षा दी जानी चाहिए। सैनिकों के बच्चों को एडमिशन फीस में 50 प्रतिशत की छूट मिलना चाहिए। उनके प्रस्ताव पर कुलपति ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि ऐसा करने से विश्वविद्यालय पर अर्थसंकट आ सकता है। इस पर कार्यपरिषद सदस्यों ने कहा कि जब विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बच्चों की पूरी फीस माफ हो सकती है, तो देश की सेवा में जुटे सैनिकों के बच्चों को यह सुविधाएं दी जा सकती हैं। इसके बाद कुलपति ने भी प्रस्ताव को मंजूर कर लिया। आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे एडमिशन प्रक्रिया में शामिल करने पर सहमति बन गई है। इसके लिए अगल से कोटा तैयार किया जाएगा। 
 
इधर, मध्य प्रदेश के कटनी जिले का सायना इंटरनेशनल स्कूल और कॉलेज भी शहीदों की मदद के लिए सामने आया है। स्कूल-कॉलेज प्रबंध ने इस संबंध में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें लिखा गया है कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले से हम सब सदमें में हैं। स्कूल के मालिक पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान विधायक संजय पाठक शहीद जवानों के परिवार की मदद करना चाहते हैं। उन्होंने अपने स्कूल में शहीदों के पांच परिवार के बच्चों की स्कूल से लेकर कॉलेज तक की शिक्षा उनके स्कूल में करवाने का फैसला लिया है। 
 
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