मध्य प्रदेश
मंदसौर गोलीकांड पर पूर्व सरकार को नहीं दी क्लीन चिट: गृह मंत्री
By Swadesh | Publish Date: 19/2/2019 6:52:04 PM
मंदसौर गोलीकांड पर पूर्व सरकार को नहीं दी क्लीन चिट: गृह मंत्री

भोपाल। मंदसौर गोलीकांड को लेकर विधानसभा सोमवार को एक प्रश्न के जवाब में पूर्व भाजपा सरकार को कमलनाथ सरकार द्वारा क्लीन चिट दे गई थी। इस मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने मंगलवार को अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि मंदसौर गोलीकांड मामले में पूर्ववर्ती सरकार को कोई क्लीन चिट नहीं दी है। हमने विधानसभा में पूछे गए सवाल पर पुरानी सरकार की रिपोर्ट पेश की थी। हमारीअभी परीक्षण करा रही है और जरूरी हुआ तो मंदसौर किसान गोलीकांड की दोबारा जांच कराई जाएगी। सरकार कोर्ट द्वारा गठित की गई जैन जांच आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

 
उल्लेखनीय है कि सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ और पुलवामा हमले के शहीदों और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित हो गई, लेकिन सदन की कार्यवाही और प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए सवालों की विधानसभा द्वारा जारी की गई प्रश्नावली में विधायक हर्ष विजय गेहलोत द्वारा मंदसौर गोलीगांड को लेकर एक सवाल पूछा गया था, जिसका सरकार की तरफ से जवाब भी दिया गया था। 
 
गृह मंत्री बाला बच्चन ने अपने लिखित जवाब में कहा था कि मंदसौर में किसानों पर गोली कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आत्मरक्षा में चलाई गई थी। यह घटना मंदसौर के पिपलिया मंडी थाना क्षेत्र में 6 जून 2017 को किसान आंदोलन के दौरान हुई थी और उस दौरान हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आत्मरक्षा और सरकारी व निजी संपत्ति की सुरक्षा के लिए गोली चलाई गई थी। संपत्तियों की रक्षा के लिए तत्कालीन एसडीएम मल्हारगढ़ श्रवण भंडारी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन कर गोली चलाने का आदेश दिया था। विधानसभा में दिए गए बयान के अनुसार गृह मंत्री बाला बच्चन ने मंदसौर गोलीकांड में प्रशासन को बेकसूर ठहराया था।
 
मंगलवार को जब इस जवाब पर सवाल उठने लगे। दरअसल, पिछली सरकार के कार्यकाल में मंदसौर गोलीकांड का मुद्दा कांग्रेस ने विपक्ष में रहकर जोर-शोर से उठाया था। गोलीकांड की पहली बरसी पर मंदसौर में हुई सभा में खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था प्रदेश की सरकार ने किसानों पर आक्रमण किया, गोली चलाई, किसानों को मारा। ऐसे में विधानसभा में गृह मंत्री द्वारा दिया गया लिखित जवाब ने कांग्रेस सरकार को पशोपेश में डाल दिया। शिवराज सरकार को इस मामले में क्लीन चिट देने के बाद कई लोगों द्वारा नाराजगी जताई गई, तो गृह मंत्री बाला बच्चन ने मंत्रालय में प्रेस वार्ता को सम्बोधित कर अपने जवाब पर सफाई पेश की। 
 
उन्होंने कहा कि विधानसभा में लगाए गए प्रश्न का जो जवाब दिया गया है, वह शिवराज सरकार के समय जो दस्तावेज तैयार किए गए थे, उसी के आधार पर दिया गया। सरकार कोर्ट द्वारा गठित की गई जैन जांच आयोग रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद परीक्षण किया जाएगा। यदि सरकार रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होगी है तो फिर से मंदसौर गोलीकांड की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में रिपोर्ट नहीं आती है, तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष के दौरान जिन मुद्दों का हमने उठाया था, हम आज भी उन पर कायम हैं।
 
मंदसौर गोलीकांड के लिए परिस्थितियां हैं जिम्मेदार: शिवराज 
वहीं, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कांग्रेस की सरकार पर मंदसौर गोलीकांड को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए पूर्व सरकार पर हमला बोलने वाली कांग्रेस को जो गलत लगता था, अब वह उसे सही लगने लगा है। नर्मदा सेवा यात्रा के समापन पर वृक्षारोपण मे भ्रष्टाचार की बात हो या फिर मंदसौर गोलीकांड मे किसानो की मौत पर सियासत चमकाने का मामला, अब दोनों ही मामलों में कांग्रेस को बतौर सरकार कुछ गलत नहीं नजर आता। 
 
पूर्व सीएम ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैंने नर्मदा को बचाने के लिए यात्रा निकाली थी, जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप खुद कांग्रेस ने लगाए थे। सरकार द्वारा मंदसौर गोलीकांड पर क्लीन चिट देने पर भी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि उन्हें किसी के क्लीन चिट की जरूरत नहीं थी। कोई भी मुख्यमंत्री नहीं चाहता कि उनके प्रदेश में ऐसा कुछ हो। मंदसौर गोलीकांड आज भी दिल में फफौले की तरह है। ऐसी घटनाओं के पीछे कई बार परिस्थितियां जिम्मेदार होती हैं।
 
COPYRIGHT @ 2018 SWADESH. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS