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मध्य प्रदेश
सरकारी अस्पताल के डाक्टर मरीजों को कर रहे निजी में जाने को मजबूर
By Swadesh | Publish Date: 13/3/2019 5:06:59 PM
सरकारी अस्पताल के डाक्टर मरीजों को कर रहे निजी में जाने को मजबूर

छिंदवाड़ा। मेडिकल अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर ने मरीज को प्रताड़ित कर निजी अस्पताल में जाने मजबूर किया। परासिया विकासखण्ड के ग्राम ईकलहरा के रहने वाले राजेंद्र पाटेकर ने बुधवार को बताया कि गले में दर्द होने की वजह से मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टर मनन गोगिया ने जांच कर बताया कि बीमारी बड़ी है। इसलिए प्राइवेट अस्पताल में उपचार करवाइए। इस बहाने से मरीज पाटेकर को वह खुद की क्लीनिक ले गए, जहां उन्होंने मरीज को गले में दर्द होने के बावजूद एंडोस्कोपी की।

 
जब मरीज ने इस बात का विरोध जताया कि मुझे पेट में नहीं गले में तकलीफ है, तो उन्होंने कहा डॉक्टर में हूं या तुम। इस तरह वह परेशान हो तड़पता रहा। उन्होंने एंडोस्कोपी के 8 हजार रुपये शुल्क के रूप में लिए। जब तकलीफ ठीक नहीं हुई तो वह उनके परासिया रोड स्थित क्लिनिक में पहुंचे। जहां उन्होंने 5 हजार रुपये दिन का शुल्क बताया। इसके बाद पीड़ित अन्य डॉक्टर के यहां पहुँचे।जहां महज 2 दिन में ठीक हो गए। पीड़ित ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिए। वही ऐसे डॉक्टरों की डिग्री भी खत्म कर देना चाहिए। जिससे दूसरे गरीब मरीज़ को लूटने से बच जाएं।
प्रेस वार्ता में रो पड़ा पीड़ित
 
पीड़ित ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि डॉक्टर मनन गोगिया और उनके पिता डॉक्टर जेएस गोगिया जो कि स्वास्थ्य अधिकारी है। दोनों ने मिलकर मुझे हजारों रुपए से लूटा है। यह बात बताते हुए वह प्रेस वार्ता में रो पड़े। उन्होंने रोते हुए कहा है कि जो मेरे साथ हुआ है ऐसा किसी गरीब के साथ ना हो।
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