मध्य प्रदेश
विदिशा से छक्का मारने को शिवराज चौहान तैयार
By Swadesh | Publish Date: 15/3/2019 5:25:10 PM
विदिशा से छक्का मारने को शिवराज चौहान तैयार

विदिशा का पांच बार लोकसभा में कर चुके हैं नेतृत्व, भाजपा फिर दे सकती है मौका

भोपाल। विदिशा देश के हाईप्रोफाइल संसदीय क्षेत्रों में शामिल है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पितृ पुरुष पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी यहां का प्रतिनिधितत्व कर चुके हैं। 2014 में विदेशमंत्री सुषमा स्वराज यहां से भाजपा के टिकट पर रायसीना की पहाड़ियों पर स्थित देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचीं। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान पांच बार लोकसभा में विदिशा का प्रतिनिधितत्व कर चुके हैं। विदिशा को भाजपा का अजेय दुर्ग माना जाता है। 1989 के बाद से यहां भाजपा का कब्जा है। कांग्रेस 30 साल से वनवास पर है। सुषमा स्वराज के लोकसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा से फिलहाल शिवराज चौहान यहां से भाजपा उम्मीदवार हो सकते हैं। 
 
सूची में साधना का भी नाम 
प्रदेश संगठन हाईकमान को उम्मीदवारों के नामों की सूची भेज चुका है। इसमें विदिशा से शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह के नाम भी शामिल है। देखना यह है कि हाईकमान शिवराज को छक्का लगाने का मौका देता है या उनकी पत्नी को मैदान में उतारता है।
 
1967 से 1989 तक
विदिशा संसदीय सीट चौथी लोकसभा चुनाव में 1967 में अस्तित्व में आई। इस साल यहां हुए पहले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनसंघ के पंडित शिव शर्मा जीते। 1971 में भी जनसंघ ने यहां से जीत हासिल की और रामनाथ गोयनका सांसद बने। 1977 में जनता पार्टी से राघवजी चुनाव जीते। 1980 और 1984 में यहां से कांग्रेस के प्रताप भानु शर्मा जीते। 
 
1989 से अब तक कमल 
1989 में यहां की जनता ने भाजपा के राघवजी पर भरोसा जताया। 1991 में अटल बिहारी वाजपेयी की ऐतिहासिक जीत हुई। उन्होंने लखनऊ से यह चुनाव लड़ा था। वह दोनों सीटों से जीते थे। वाजपेयी ने विदिशा सीट शिवराज सिंह चौहान को सौंप दी। वाजपेयी के इस्तीफा देने के बाद हुए उपचुनाव में यहां से शिवराज सिंह चौहान पहली बार सांसद चुने गए। उन्होंने लगातार 1996, 1998, 1999 और 2004 में यहां का नेतृत्व किया। इसके बाद वे प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 2006 के उपचुनाव में भाजपा के रामपाल सिंह लोकसभा पहुंचे। 2009 और 2014 में सुषमा स्वराज ने यहां भाजपा की विजयी पताका फहराई।
 
गुणा-भाग
विदिशा लोकसभा सीट में चार जिले रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास के आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें रायसेन की भोजपुर-सांची-सिलवानी, विदिशा जिले की विदिशा और गंजबासौदा, सीहोर जिले की बुधनी-इछावर और देवास जिले की खातेगांव सीट शामिल हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र की छह सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया है, जबकि सांची और विदिशा कांग्रेस के खाते में गई हैं। इस क्षेत्र की जनसंख्या 25 लाख 35 हजार 632 है। इसमें से 76 प्रतिशत लोग गांवों में और 23 प्रतिशत शहर में रहते हैं और 88 प्रतिशत हिंदू और 10 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। 
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