मध्य प्रदेश
धनिए की खुशबू से महकने लगा है गुना
By Swadesh | Publish Date: 16/3/2019 1:13:41 PM
धनिए की खुशबू से महकने लगा है गुना

गुना। जिला धनिए की खुशबू से महकने लगा है। जिले की सभी मंडियों में धनिए की आवक शुरु हो गई है। खासकर धनिए को लेकर विश्व प्रसिद्ध कुंभराज मंडी में आवक खासी हो रही है। यहां धनिए के दाम भी बेहतर मिल रहे है। 

गौरतलब है कि धनिए को लेकर कुंभराज जहां धनिए की जिले की सबसे बड़ी मंडी है, वहीं इस मंडी का धनिया विश्व प्रसिद्व है। दूर-दूर तक कुंभराज मंडी के धनिए की खुशबू फैलती रहती है। इसके साथ ही कृषि उपज मंडी बीनागंज तथा कृषि उपज उप मंडी पैंची और चांचौड़ा, मधुसूदनगढ़, आरोन में भी धनिया की आवक शुरू हो गई है। यहां इन दिनों ट्रेक्टर-ट्रॉलियों का मेला लगा हुआ है। इसके चलते रास्तों पर भी जाम जैसे हालात बन रहे है, साथ ही एकदम से आवक बढऩे से मंडियों में अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिल रहा है। 
 
गौरतलब है कि जिले की अधिकांश मंडियों में किसानों के लिए सुविधाएं नहीं जुटाई गईं है। बहरहाल इन दिनों बड़ी संख्या में दूर-दूर के क्षेत्रों से किसान मंडी में धनिया बेचने आ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि धनिए की आवक में एकदम तेजी आई है और बंपर आवक हो रही है। कृषि उपज उप मंडी पैंची में धनिया की आवक 2500 से 3000 बोरी औसतन हो रही है तो बीनागंज कृषि उपज मंडी यह 4000 से 5000 बोरी धनिया रोज आ रहा है। 
 
चूंकि यह क्षेत्र कुंभराज मंडी से लगे है, इसलिए यहां विश्व स्तरीय अच्छी क्वालिटी का धनिया बिकने आता है, देश के विभिन्न कोनों से यहां के व्यापारी धनिया बिकने के लिए भेजते हैं। जहां तक दाम का सवाल तो फिलहाल की स्थिति में दाम भी बेहतर मिल रहे है। धनिया की शुरुआती कीमत करीब 3000 रुपए प्रति क्विंटल है । दाम और बढऩे की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही आवक होली के त्यौहार से ठीक पहले आवक और बढऩे की बात कही जा रही है। 
 
व्यापारी दिनेश अग्रवाल ने हिस को बताया कि त्यौहार मनाने के लिए एक तो किसानों को पैसे की जरुरत पड़़ेगी, दूसरे होली से रंगपंचमी तक छुट्टियों के कारण मंडी में लेनदेन बंद रहेगा और ऐसे में किसान अपना धनिया नहीं भेज पाएंगे, इसलिए आगामी कुछ दिनों में यह आवक और भी अधिक बढ़ सकती है। 
 
बता दें राजगढ़ जिले की सीमा नजदीक होने के कारण राजगढ़ जिले के किसान भी बड़ी तादाद में यहां धनिया बेचने आते हैं और राजस्थान की सीमा भी पास ही लगी हुई है, इसलिए वहां के व्यापारी भी यहां दस्तक देते है। चांचौड़ा क्षेत्र में भी धनिए का बुवाई रकबा अधिक होने के कारण धनिया की अच्छी पैदावार होती है, यही कारण है कि मंडी में धनिया की आवक व्यापक पैमाने पर हो रही है। ईगल, स्कूटर, बादामी आदि मार्का का धनिया अधिक मात्रा में आ रहा है।
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