मध्य प्रदेश
गेहूं खरीदी का काम शुरू, कमिश्नर ने किया साइलो केन्द्र का निरीक्षण
By Swadesh | Publish Date: 26/3/2019 6:22:21 PM
गेहूं खरीदी का काम शुरू, कमिश्नर ने किया साइलो केन्द्र का निरीक्षण

उज्जैन। प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन जिले में भी मंगलवार से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का कार्य प्रारम्भ हुआ। गेहूं खरीदी का काम आगामी 25 मई तक चलेगा। इसके लिये किसानों को जिस दिन का एसएमएस मिलेगा, उस पर खरीदी केन्द्र पहुंचकर उनके द्वारा अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा जा सकेगा। किसानों को इसका भुगतान अधिकतम 3 दिन में किया जाएगा। 

मंगलवार को कमिश्नर अजीत कुमार ने कलेक्टर शशांक मिश्र ने उज्जैन के समीप लालपुरा स्थित साइलो गेहूं उपार्जन केन्द्र का खाद्य नियंत्रक सहित सभी सम्बन्धित अधिकारियों सहित निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि केन्द्र पर किसानों को समर्थन मूल्य गेहूं बिक्री सम्बन्धी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका गेहूं कम से कम समय में, सही तौल एवं बिना किसी परेशानी के समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए तथा समयावधि में उन्हें भुगतान प्राप्त हो जाए।
 
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि इस केन्द्र सहित सभी समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य खरीदी सम्बन्धी निर्देशों को प्रमुखता से फ्लेक्स आदि के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए, जिससे किसानों को इनकी जानकारी मिल सके तथा उन्हें कोई परेशानी न हो। संभागायुक्त ने साइलो केन्द्र पर किसानों के पंजीयन देखे जाने के साथ ही उनके लिए रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे भोजन आदि की व्यवस्था को भी देखा। सभी समर्थन मूल्य केन्द्रों पर किसानों को 5 रुपये मूल्य पर पूड़ी-भाजी प्रदाय की जाए। स्वच्छ जल, शेड आदि की व्यवस्था भी की जा रही है।
साइलो केन्द्र पर सर्वप्रथम संभागायुक्त द्वारा वहां आए किसानों के पंजीयन चेक किए जाने की व्यवस्था को देखा। कम्यूीइटर पर किसान का पंजीयन क्रमांक डालते ही सारा विवरण आ जाता है। इसके पश्चात उन्होंने प्रयोगशाला को देखा, जहां किसानों के गेहूं की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाता है। उन्होंने सम्बन्धित से गेहूं की अच्छी औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) सम्बन्धी मापदंड की भी जानकारी ली।
 
प्रबंधक द्वारा बताया गया कि सामान्यत: केन्द्र पर बिकने आए 95 प्रतिशत किसानों का गेहूं एफएक्यू ही होता है, केवल 5 प्रतिशत गेहूं ही गुणवत्तायुक्त नहीं होता। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि जिनका गेहूं एफएक्यू नहीं है, उन्हें बताया जाए कि वे किस तरीके से कमी दूर कर गेहूं को एफएक्यू बनाएं। परीक्षण के लिए किसानों से 1 किलो गेहूं लिया जाता है, जो परीक्षण उपरान्त उन्हें वापस कर दिया जाता है।
संभागायुक्त को बताया गया कि साइलो केन्द्र से 14 समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्र जुड़े हैं, जहां का गेहूं यहां आता है।
 
साइलो केन्द्र 24 घंटे चालू रहता है, किसान निर्धारित तिथि पर किसी भी समय अपना गेहूं बेच सकता है। साइलो केन्द्र में 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं के भण्डारण की सुविधा है। गत वर्ष 37 हजार मीट्रिक टन गेहूं यहां भण्डारित किया गया था। जब संभागायुक्त ने पूछा कि अधिक केन्द्र इस साइलो से क्यों नहीं जुड़ सकते, तब बताया गया कि शासन के निर्देश अनुसार इस बात का ध्यान रखा जाता है कि किसी भी किसान को अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए 25 किलो मीटर से अधिक न जाना पड़े। इस दूरी पर 14 केन्द्र हैं, जिन्हें इस साइलो से जोड़ा गया है। संभागायुक्त ने केन्द्र की व्यवस्थाओं की सराहना की।
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